Alphabet के CEO Sundar Pichai ने भविष्य को लेकर बड़ा प्रेडिक्शन किया है। उनके मुताबिक, अगले पांच वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कामकाज का एक आम हिस्सा बन जाएगा। वहीं, कंपनी का भारी भरकम **$200 बिलियन** का इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है।
भविष्य की तैयारी और AI का विस्तार
Alphabet के CEO सुंदर पिचई का मानना है कि AI सिर्फ लैब तक सीमित नहीं रहेगा। IIT खड़गपुर के 75वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए पिचई ने कहा कि आने वाले 5 वर्षों में किसान, सरकारी अधिकारी और हेल्थकेयर प्रोफेशनल जैसे आम लोग भी अपने दैनिक कार्यों में AI का इस्तेमाल एक साधारण टूल की तरह करेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश
इस विजन को हकीकत में बदलने के लिए कंपनी ने कमर कस ली है। Alphabet ने 2026 के लिए अपनी कैपिटल स्पेंडिंग गाइडेंस को बढ़ाकर $195 बिलियन से $205 बिलियन के बीच कर दिया है। यह पैसा मुख्य रूप से Gemini जैसे AI मॉडल और उसके लिए जरूरी टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर खर्च होगा। यह कदम कंपनी के लंबे समय के भरोसे को दिखाता है, लेकिन यह टेक्नोलॉजी सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा का दबाव भी साफ कर रहा है।
फाइनेंशियल सेहत और कैश फ्लो की चुनौती
2026 की दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजे बताते हैं कि कंपनी का रेवेन्यू 24% बढ़ा है, जिसमें Google Cloud का योगदान शानदार रहा—Cloud सेक्टर में रेवेन्यू में 82% की उछाल देखी गई है। हालांकि, हार्डवेयर और डेटा सेंटर्स पर अंधाधुंध खर्च का असर कैश फ्लो पर पड़ा है। कंपनी ने Q2 2026 में लगभग $5.9 बिलियन का नेगेटिव फ्री कैश फ्लो रिपोर्ट किया है। इसका मतलब है कि भारी-भरकम विस्तार प्रोजेक्ट्स के चलते कंपनी के पास ऑपरेटिंग खर्च निकालने के बाद कैश की कमी रही है।
निवेशकों की नजर कहां होनी चाहिए?
मार्केट इस बात पर बारीक नजर रखे हुए है कि क्या इतना बड़ा निवेश भविष्य में मुनाफा दे पाएगा। Cloud सेगमेंट की ग्रोथ अच्छी है, लेकिन निवेशक अब इस बात पर फोकस कर रहे हैं कि क्या AI टूल्स का असल इस्तेमाल इन बढ़ते खर्चों को सही ठहरा पाएगा। आने वाले समय में कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट और उस पर मिलने वाले रिटर्न (ROI) के बीच संतुलन बनाना होगा। शेयरहोल्डर्स अब यह ट्रैक कर रहे हैं कि क्या Gemini जैसी सर्विस बिजनेस वर्कफ्लो में फिट बैठती है और क्या कैश फ्लो की स्थिति आगे सुधरेगी।
