AliExpress पर EU का शिकंजा! असुरक्षित सामान बेचने पर लगा ₹550 करोड़ का भारी जुर्माना

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
AliExpress पर EU का शिकंजा! असुरक्षित सामान बेचने पर लगा ₹550 करोड़ का भारी जुर्माना

यूरोपीय कमीशन ने AliExpress पर रिकॉर्ड **€550 मिलियन** (लगभग ₹5,000 करोड़) का जुर्माना लगाया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने नकली और असुरक्षित उत्पादों की बिक्री को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। यह 'डिजिटल सर्विसेज एक्ट' के तहत लगाया गया अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना है। AliExpress को **20 अक्टूबर** तक एक एक्शन प्लान जमा करना होगा।

किस बात का है जुर्माना?

यूरोपीय कमीशन ने चीनी टेक दिग्गज Alibaba के स्वामित्व वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म AliExpress पर €550 मिलियन का तगड़ा जुर्माना ठोका है। यह फैसला 'डिजिटल सर्विसेज एक्ट' (Digital Services Act) के तहत हुई जांच के बाद आया है। इस कानून का मकसद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। यह जुर्माना इस कानून के तहत लगाया गया सबसे बड़ा जुर्माना है।

क्या हैं रेगुलेटरी चिंताएं?

रेगुलेटर्स का कहना है कि AliExpress अपने प्लेटफॉर्म पर अवैध, नकली या खतरनाक उत्पादों की मौजूदगी को रोकने के लिए प्रभावी सिस्टम लागू करने में नाकाम रहा है। कमीशन ने यह भी पाया कि ये खामियां जून 2025 तक बनी रहीं। यूरोपीय कमीशन के अनुसार, प्लेटफॉर्म अपने बड़े पैमाने के चलते अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता कि वह उपभोक्ताओं को असुरक्षित शॉपिंग अनुभवों से बचाए।

यूरोपीय कमीशन की एग्जीक्यूटिव वाइस-प्रेसिडेंट हेन्ना विर्ककुनेन (Henna Virkkunen) ने जोर देकर कहा कि बड़े प्लेटफॉर्म्स को उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए व्यवस्थित रूप से जोखिमों की पहचान करनी चाहिए और उन्हें कम करना चाहिए। कमीशन ने AliExpress को 20 अक्टूबर तक एक विस्तृत रणनीति जमा करने का आदेश दिया है, जिसमें बताया जाएगा कि कंपनी इन समस्याओं को कैसे ठीक करेगी और भविष्य में ऐसी उल्लंघन को कैसे रोकेगी।

कंपनी का क्या कहना है?

AliExpress ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है और €550 मिलियन के जुर्माने को 'अतिवादी' बताया है। कंपनी का कहना है कि उसने पहले ही जोखिम मूल्यांकन, उत्पाद सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण पहलों पर भारी संसाधन लगाए हैं। प्लेटफॉर्म ने 'डिजिटल सर्विसेज एक्ट' के तहत सभी नियामक आवश्यकताओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई है, लेकिन वह वर्तमान में इस फैसले की समीक्षा कर रहा है और जुर्माने को चुनौती देने के कानूनी विकल्पों का मूल्यांकन कर रहा है।

यह डेवलपमेंट यूरोपीय बाजार में काम करने वाले बड़े क्रॉस-बॉर्डर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते रेगुलेटरी दबाव को दर्शाता है। आगे चलकर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अक्टूबर में आवश्यक एक्शन प्लान जमा करती है या नहीं और क्या यूरोपीय कमीशन इन प्रस्तावित उपायों को पर्याप्त मानता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.