Airtel Business: AI नियमों के समर्थन से बढ़ेगा कॉर्पोरेट भरोसा, कंपनी की AI रणनीति पर जोर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Airtel Business: AI नियमों के समर्थन से बढ़ेगा कॉर्पोरेट भरोसा, कंपनी की AI रणनीति पर जोर

Airtel Business के CEO शरत सिन्हा ने भारत सरकार के आगामी AI नियमों का समर्थन किया है। कंपनी का मानना है कि इससे एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी का दायरा सुरक्षित तरीके से बढ़ेगा, साथ ही यह Airtel की AI-रेडी क्लाउड और डेटा सेंटर सेवाओं के विस्तार की रणनीति का हिस्सा है।

सुरक्षित AI का नया दौर

Airtel Business के CEO शरत सिन्हा ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए एक स्ट्रक्चर्ड रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की वकालत की है। उनका मानना है कि सरकार की स्पष्ट गाइडलाइंस से कंपनियों को डेटा सुरक्षा और गलत इस्तेमाल के डर से मुक्ति मिलेगी, जिससे AI टूल्स को अपनाना आसान हो जाएगा।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश

कंपनी ने 2030 तक 1 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। AI की जरूरतों को देखते हुए, एयरटेल ने 'IQ Gateway' और 'Airtel Secure Workforce' जैसे प्रोडक्ट्स पेश किए हैं, जो बिजनेस को सुरक्षित तरीके से AI एजेंट इस्तेमाल करने की सुविधा देते हैं।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और हालिया बदलाव

Bharti Airtel ने पहली तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 37% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹8,167 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। वहीं, एयरटेल की फिनटेक इकाई 'Airtel Money' 9 अक्टूबर, 2026 को लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर £5.3 बिलियन के वैल्यूएशन के साथ लिस्ट हुई है। इसके अलावा, 8 अक्टूबर, 2026 से पोस्टपेड प्लान्स में ₹50 की बढ़ोतरी भी कंपनी की रेवेन्यू रणनीति का हिस्सा है।

रिस्क और बाजार की नजरें

कंपनी जहां टेक्नोलॉजी पर जोर दे रही है, वहीं टेलीकॉम सेक्टर में रेगुलेटरी चुनौतियां भी बरकरार हैं। DoT की ओर से मिल रहे नोटिस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च से कैश फ्लो पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, कंपनी ने अपने नेट डेट को 35% तक कम किया है, लेकिन निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि एयरटेल अपनी बैलेंस शीट और तेजी से बदलते रेगुलेटरी माहौल के बीच कैसे संतुलन बिठाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.