Airbnb ने अपने प्लेटफॉर्म पर नेचुरल लैंग्वेज AI सर्च को पेश किया है और साथ ही लॉन्ड्री व ग्रोसरी डिलीवरी जैसी नई सेवाएं जोड़ दी हैं। इस बदलाव का मकसद पारंपरिक होटलों को सीधी टक्कर देना और यूजर्स को अपने प्लेटफॉर्म पर बनाए रखना है।
एआई (AI) के जरिए आसान होगी सर्चिंग
Airbnb अब अपने पारंपरिक फिल्टर-आधारित सर्च सिस्टम को पीछे छोड़कर जेनेरेटिव AI को अपना रहा है। अब यात्री नेचुरल लैंग्वेज में अपनी जरूरत बता सकेंगे। उदाहरण के लिए, यदि आप 'परिवार के अनुकूल घर' ढूंढ रहे हैं, तो सिस्टम अपने आप बच्चों के पालने (cribs) या पास में प्लेग्राउंड जैसी सुविधाओं वाले घर सुझाव में दिखाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य बुकिंग प्रक्रिया को सरल बनाना है।
होटल जैसी सुविधाएं, अब Airbnb पर
कंपनी अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए लॉन्ड्री, ग्रोसरी और मील डिलीवरी जैसी सुविधाएं भी दे रही है। साथ ही, अब स्कीइंग या बोटिंग के लिए उपकरण भी किराए पर लिए जा सकेंगे। यह कदम सीधे तौर पर उन बड़ी होटल चेन को चुनौती देने के लिए है जो पहले से ही कंसीयज (concierge) और डाइनिंग की सुविधाएं देती हैं।
निवेशकों के लिए चुनौतियां और मौके
निवेशकों के लिए यह बदलाव 'हाई रिस्क-हाई रिवॉर्ड' वाला है। अब तक Airbnb केवल एक मध्यस्थ (intermediary) के रूप में काम कर रही थी, लेकिन फिजिकल सर्विस ऑपरेशंस में आने से कंपनी पर लॉजिस्टिक और स्टाफ का खर्च बढ़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसे कुशलता से मैनेज नहीं किया गया, तो कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, डेटा प्राइवेसी से जुड़े रेगुलेटरी जोखिम भी बने हुए हैं, खासकर तब जब कंपनी नए सोशल फीचर्स ला रही है। बाजार की नजर अब इस पर होगी कि क्या Airbnb अपने एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल को बरकरार रखते हुए इन नई सेवाओं को मुनाफे में बदल पाती है या नहीं।
