Airbnb Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! 52-हफ्ते के हाई पर पहुंचा शेयर, CEO ने AI पर उठाए सवाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Airbnb Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! 52-हफ्ते के हाई पर पहुंचा शेयर, CEO ने AI पर उठाए सवाल

Airbnb के CEO ब्रायन चेस्की ने कहा है कि कंज्यूमर AI को अपनाने में हिचकिचा रहे हैं क्योंकि कंपनियां सिर्फ बिजनेस पर फोकस कर रही हैं। वहीं, Airbnb अपनी AI का इस्तेमाल करके रेवेन्यू को **$3.6 बिलियन** तक ले गई है और शेयर **52-हफ्ते के हाई ₹184.70** पर पहुंच गया है।

AI के इस्तेमाल पर CEO का बड़ा बयान

Airbnb के CEO ब्रायन चेस्की ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मार्केट में एक बड़ी कमी की ओर इशारा किया है। उनका मानना है कि कंज्यूमर्स AI को लेकर अभी भी संशय में हैं, क्योंकि टेक कंपनियां आम लोगों के दैनिक जीवन में मददगार टूल्स बनाने के बजाय सिर्फ बिजनेस-सॉल्यूशंस पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं।

चेस्की के अनुसार, AI का व्यापक रूप से अपनाना तभी तेज होगा जब यह आम उपयोगकर्ताओं के लिए जीवन को बेहतर बनाने वाले स्पष्ट लाभ दिखाना शुरू करेगा।

Airbnb में AI का सफल इस्तेमाल

जहां एक ओर चेस्की AI मार्केट में इस कमी की बात कर रहे हैं, वहीं Airbnb अपने प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने के लिए AI का भरपूर इस्तेमाल कर रही है। कंपनी कस्टमर सपोर्ट और प्रॉपर्टी की तुलना के लिए AI का उपयोग कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Airbnb के 60% से ज्यादा कोड अब AI द्वारा लिखे जा रहे हैं। इस ऑपरेशनल एफिशिएंसी के कारण नए फीचर्स के लॉन्च में लगभग 60% का समय कम लगने लगा है।

कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति

AI के कुशल इस्तेमाल का असर कंपनी के नतीजों पर भी दिख रहा है। Airbnb ने 2026 की दूसरी तिमाही (Q2 2026) में $3.6 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 17% ज्यादा है। कंपनी का नेट इनकम $816 मिलियन रहा। इन नतीजों के बाद, कंपनी ने पूरे साल के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को मिड-टीन्स तक बढ़ा दिया है।

निवेशकों की चिंताएं

मजबूत नतीजों और शेयर के 52-हफ्ते के हाई $184.70 (10 अगस्त 2026) पर पहुंचने के बावजूद, निवेशक कुछ जोखिमों को लेकर सतर्क हैं। कुछ मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन टिकाऊ है या नहीं, इस पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा, ट्रैवल सेक्टर व्यापक आर्थिक परिस्थितियों के प्रति संवेदनशील है, जो कंज्यूमर के खर्च को प्रभावित कर सकता है। कंपनी को विभिन्न वैश्विक बाजारों में रेगुलेटरी बाधाओं और होटलों व सेवाओं जैसी नई बिजनेस कैटेगरी को स्केल करने की चुनौती का भी सामना करना पड़ रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.