Air India ने अपनी कस्टमर सर्विस को तेज करने के लिए Salesforce की Agentforce AI तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। रिफंड और नाम बदलने जैसे कामों को अब ऑटोमेट किया जा रहा है, ताकि कंपनी की ऑपरेशनल स्पीड बेहतर हो सके।
टेक्नोलॉजी से सुधरेगी सर्विस स्पीड
Air India ने अपनी सेवाओं को हाई-टेक बनाने के लिए 30 से ज्यादा AI-आधारित प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं। अब रिफंड और पैसेंजर के नाम में बदलाव जैसे रूटीन काम बिना मानवीय दखल के पूरे किए जा रहे हैं। इन टूल्स का असर यह है कि रिफंड की प्रक्रिया जो पहले 2 हफ्ते लेती थी, अब महज 4 घंटे में पूरी हो रही है।
एयरलाइन का फाइनेंशियल सच
याद रहे कि Air India एक प्राइवेट कंपनी है और यह शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। इसमें Tata Group की 74.9% और Singapore Airlines की 25.1% हिस्सेदारी है। कंपनी फिलहाल एक मुश्किल फाइनेंशियल दौर से गुजर रही है। मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में एयरलाइन को ₹22,238 करोड़ का भारी नेट लॉस हुआ था। मैनेजमेंट का मानना है कि एयरलाइन के टर्नअराउंड में 5 से 10 साल का लंबा समय लग सकता है।
सामने हैं बड़ी चुनौतियां
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के बावजूद कंपनी के सामने कई बाधाएं हैं। वेस्ट एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और एयरस्पेस रिस्ट्रिक्शंस के कारण फ्यूल की खपत बढ़ गई है, जिससे ऑपरेशनल कॉस्ट में इजाफा हुआ है। इसके अलावा, जून 2025 की फ्लाइट AI171 की दुखद घटना के बाद एयरलाइन अपनी सुरक्षा और प्रतिष्ठा को बचाने की चुनौती से भी जूझ रही है। अब कंपनी के लिए बड़ी चुनौती इन डिजिटल बदलावों के साथ-साथ कर्ज कम करने और मुनाफे की राह पर लौटने की है।
