Addverb: ₹700 करोड़ का रेवेन्यू, ₹1300 करोड़ का ऑर्डर बुक! रोबोटिक्स में दुनिया को टक्कर देने की तैयारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Addverb: ₹700 करोड़ का रेवेन्यू, ₹1300 करोड़ का ऑर्डर बुक! रोबोटिक्स में दुनिया को टक्कर देने की तैयारी

भारत की घरेलू रोबोटिक्स कंपनी Addverb ने पिछले फाइनेंशियल ईयर में **₹700 करोड़** का सालाना रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी के पास **₹1,300 करोड़** का ऑर्डर बुक है और वह अपने ग्रेटर नोएडा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का विस्तार कर रही है, जिससे भविष्य में **₹8,500 करोड़** तक का रेवेन्यू जुटाया जा सके। Addverb अब ग्लोबल फिजिकल AI मार्केट में ह्यूमनॉइड और कोलैबोरेटिव रोबोट्स पर फोकस कर रही है।

मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेशनल स्केल

Addverb, जो नोएडा की एक जानी-मानी रोबोटिक्स और वेयरहाउस ऑटोमेशन कंपनी है, ग्लोबल ऑटोमेशन इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर विस्तार करने की तैयारी में है। पिछले वित्तीय वर्ष में ₹700 करोड़ के रेवेन्यू और लगभग ₹1,300 करोड़ की ऑर्डर बुक के साथ, यह कंपनी ई-कॉमर्स और रिटेल जैसे खास सेक्टर्स से निकलकर इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन के व्यापक क्षेत्र में कदम रख रही है।

कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा ग्रेटर नोएडा में स्थित इसका 'बॉट वर्स' (Bot Verse) फैसिलिटी है। कंपनी का कहना है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-लोकेशन मोबाइल रोबोट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी है, जिसकी सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी 100,000 यूनिट्स तक है। इस इंफ्रास्ट्रक्चर को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह भविष्य में ₹8,500 करोड़ तक के रेवेन्यू को सपोर्ट कर सके। कंपनी का यह बड़ा मैन्युफैक्चरिंग सेटअप उसे इंटरनेशनल रोबोटिक्स दिग्गजों से मुकाबला करने में मदद करेगा, जिनकी सालाना कमाई अरबों डॉलर में होती है।

रेवेन्यू स्ट्रीम्स में रणनीतिक बदलाव

पहले Addverb अपने 90% से ज़्यादा रेवेन्यू के लिए ई-कॉमर्स और रिटेल सेक्टर पर निर्भर थी। हालांकि, एक स्ट्रेटेजिक बदलाव के तहत, कंपनी ने अपने क्लाइंट बेस को सफलतापूर्वक डाइवर्सिफाई किया है। वर्तमान में, ई-कॉमर्स और रिटेल से कुल रेवेन्यू का केवल 30% आता है, जबकि कंज्यूमर गुड्स और केमिकल्स सेक्टर का भी बराबर योगदान है। कंपनी को इलेक्ट्रॉनिक्स और न्यू एनर्जी सेक्टर्स से भी बढ़ती मांग दिख रही है, खासकर सोलर मॉड्यूल और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में कैपिटल स्पेंडिंग के कारण।

प्रोडक्ट इनोवेशन और विस्तार

Addverb ने मोबाइल रोबोट्स, सॉर्टिंग सिस्टम्स और ASRS (Automated Storage and Retrieval Systems) में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन अब कंपनी एडवांस रोबोटिक्स में भारी निवेश कर रही है। इसी साल फरवरी में, कंपनी ने भारत में बना अपना पहला व्हील्ड ह्यूमनॉइड रोबोट 'Elixis-W' लॉन्च किया था और अब वह ज़्यादा कॉम्प्लेक्स एप्लीकेशंस के लिए लेग्ड (legged) रोबोट्स भी विकसित कर रही है। ये प्रोडक्ट्स कोलैबोरेटिव रोबोट्स और सर्विलांस व डिफेंस के लिए डिजाइन किए गए क्वाड्रुपेड्स (quadrupeds) की एक बड़ी पहल का हिस्सा हैं, जिनका लक्ष्य ग्लोबल मार्केट्स में कंपनी की पहुंच बढ़ाना है।

निवेशक मॉनिटरेबल्स और रिस्क

एक प्राइवेट, स्केलिंग कंपनी होने के नाते, Addverb का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह 'बॉट वैली' (Bot Valley) सेंटर में हाई-कॉस्ट रिसर्च एंड डेवलपमेंट में निवेश करते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती है। कंपनी के लिए मुख्य मॉनिटरेबल यह होगा कि वह कैपिटल-इंटेंसिव एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर्स से बड़े ऑर्डर्स को कितनी सफलतापूर्वक एक्जीक्यूट कर पाती है, जिनके पेमेंट साइकल्स और टेक्निकल रिक्वायरमेंट्स उसके पारंपरिक रिटेल क्लाइंट्स से अलग हो सकते हैं। इसके अलावा, जैसे-जैसे कंपनी ह्यूमनॉइड्स और अन्य एडवांस सेगमेंट्स में विस्तार के लिए फ्रेश कैपिटल जुटाने की योजना बना रही है, ऐसे खर्चों का कैश फ्लो और लीवरेज पर असर ट्रैक करना महत्वपूर्ण होगा। कंपनी वर्तमान में सब्सिडियरीज के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑपरेट करती है, जिसमें घरेलू और विदेशी बाजारों के बीच रेवेन्यू बराबर बंटा हुआ है, जिससे यह ग्लोबल डिमांड के उतार-चढ़ाव और करेंसी वोलैटिलिटी के प्रति संवेदनशील है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.