Adani Enterprises ने US की दिग्गज कंपनी Jabil Inc. के साथ एक बड़ा करार किया है। दोनों कंपनियां **50:50** की हिस्सेदारी वाली जॉइंट वेंचर (JV) के जरिए भारत में AI डेटा सेंटर हार्डवेयर का निर्माण करेंगी।
इस नई साझेदारी के तहत, भारत में AI-रेडी रैक, सर्वर्स, नेटवर्किंग गियर और पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम जैसे हाई-एंड उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। यह पहल देश में डेटा सेंटर के लिए एक मजबूत डोमेस्टिक सप्लाई चेन तैयार करने के इरादे से की गई है।
सप्लाई चेन पर पकड़ बनाने की कोशिश
Adani Group का लक्ष्य 2035 तक 5 गीगावाट की ग्रीन-एनर्जी पावर्ड डेटा सेंटर क्षमता बनाना है। Jabil के साथ इस पार्टनरशिप से अडानी ग्रुप अपनी बाहरी निर्भरता को कम करना चाहता है। लिक्विड-कूलिंग सिस्टम और सर्वर्स के लिए इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग से प्रोजेक्ट्स के काम में तेजी आने की उम्मीद है।
निवेश का नजरिया और जोखिम
फिलहाल यह एक 'नॉन-बाइंडिंग' (Non-binding) MOU है, जिसका मतलब है कि फाइनल एग्रीमेंट होना अभी बाकी है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि भविष्य में प्रोजेक्ट की लागत या टाइमलाइन में बदलाव हो सकता है। AI हार्डवेयर का क्षेत्र बेहद तकनीकी है, इसलिए कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता और तेजी से बदलते टेक्नोलॉजी मार्केट में तालमेल बिठाना असली चुनौती होगी। शेयरधारकों को अब अगली औपचारिक घोषणा और कैपिटल स्पेंडिंग प्लान का इंतजार करना चाहिए।
