Hisabkitab का वैल्यूएशन ₹20 करोड़ पार! मिली सीड फंडिंग, AI पर फोकस

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AuthorAditya Rao|Published at:
Hisabkitab का वैल्यूएशन ₹20 करोड़ पार! मिली सीड फंडिंग, AI पर फोकस

सूरत की अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर कंपनी Hisabkitab ने सीड राउंड में एक खास वैल्यूएशन हासिल किया है। कंपनी का लक्ष्य इस फंड का इस्तेमाल AI टूल्स बनाने और छोटे बिजनेसेज के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने में करना है।

AI इंटीग्रेशन से ग्रोथ की तैयारी

Hisabkitab, जो कि सूरत की एक अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी है, ने हाल ही में एक सीड फंडिंग राउंड पूरा किया है। इस फंडिंग के साथ कंपनी का वैल्यूएशन ₹20 करोड़ पर पहुंच गया है। साल 2022 में श्रिगोपाल मलानी और अभिनव शर्मा द्वारा स्थापित इस फर्म का क्लाउड-बेस्ड प्लेटफॉर्म छोटे और मध्यम आकार के बिजनेसेज के लिए इनवॉइसिंग, इन्वेंट्री और टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाता है।

कंपनी इस नई पूंजी का इस्तेमाल अपने मौजूदा प्लेटफॉर्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एकीकृत करने पर करेगी। इस AI सूट से ऑटोमेटेड ऑडिटिंग, फाइनेंशियल फोरकास्टिंग और अकाउंट्स पेएबल/रिसीवेबल जैसी जटिल बैक-ऑफिस प्रक्रियाओं को संभाला जाएगा। कंपनी का मानना है कि इन फीचर्स से टैक्स फाइलिंग और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग से जुड़े मैन्युअल काम में काफी कमी आएगी।

प्रोडक्ट डेवलपमेंट के अलावा, Hisabkitab अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट पार्टनर प्रोग्राम का विस्तार करने पर भी जोर दे रही है। इस पहल का मकसद टैक्स प्रोफेशनल्स के साथ मिलकर काम करना है, जो छोटे बिजनेसेज के लिए एक माध्यम के रूप में काम करते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा यूजर्स को जोड़ा जा सके। स्टार्टअप अपनी प्रोडक्ट और बिजनेस डेवलपमेंट टीमों को बढ़ाने के लिए भी संसाधन लगा रहा है।

फाइनेंशियल परफॉरमेंस और मार्केट पोजीशन

Hisabkitab के अनुसार, वर्तमान में इसके प्लेटफॉर्म पर 30,000 से ज्यादा साइन-अप्स हैं, जिनमें से 2,700 से ज्यादा एंटिटीज फिलहाल पेड कस्टमर के तौर पर सब्सक्राइब्ड हैं। कंपनी ने अपने मंथली रेवेन्यू में तेजी से बढ़ोतरी दिखाई है। मई 2025 में ₹4.18 लाख के मंथली रेवेन्यू से बढ़कर जून 2026 तक यह ₹25.01 लाख तक पहुंच गया। यह छह गुना वृद्धि क्लाउड-बेस्ड अकाउंटिंग सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग को दर्शाती है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन आंकड़ों की ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।

मार्केट का संदर्भ और जोखिम

भारत में फिनटेक और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर का सेक्टर काफी कॉम्पिटिटिव है, जिसमें ग्लोबल प्लेयर्स और घरेलू कंपनियां दोनों मौजूद हैं। Hisabkitab एक ऐसे क्षेत्र में काम कर रही है जहां कस्टमर का भरोसा डेटा सिक्योरिटी, रेगुलेटरी कंप्लायंस और सिस्टम की विश्वसनीयता पर टिका होता है। इस डोमेन में स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ा जोखिम बड़ी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा है, जो बंडल एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सॉल्यूशंस ऑफर करती हैं। इसके अतिरिक्त, जैसे-जैसे कंपनी अपनी AI क्षमताओं का विस्तार करेगी, उसे क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्निकल टैलेंट से जुड़ी लागतों का प्रबंधन करना होगा। सीड-फंडिंग फेज से आगे बढ़ते हुए, अपने पेड यूजर बेस के बीच हाई रिटेंशन रेट बनाए रखना कंपनी की लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबिलिटी के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा।

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