IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी Accenture अपने चीन स्थित कारोबार को बेचने की योजना बना रही है। इस संभावित डील की कीमत करीब **$1.5 बिलियन** आंकी जा रही है, जो मल्टीनेशनल कंपनियों के बदलते रुख को दर्शाती है।
दुनिया भर में आईटी कंसल्टिंग और प्रोफेशनल सर्विसेज की बड़ी खिलाड़ी Accenture चीन से अपना दायरा समेटने की तैयारी में है। मार्केट रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अपने चीन ऑपरेशंस को बेचने पर विचार कर रही है, जिसकी अनुमानित वैल्यू $1.5 बिलियन हो सकती है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह कदम ग्लोबल आईटी सर्विस प्रोवाइडर्स के बदलते नजरिए को दर्शाता है।
चीन में बढ़ती चुनौतियां और 'China+1' रणनीति
बीते कुछ वर्षों में चीन में प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर के लिए माहौल काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। सख्त डेटा सिक्योरिटी कानून और विदेशी कंपनियों के लिए बदलते नियमों ने मल्टीनेशनल फर्मों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इसी कारण अब कंपनियां 'China+1' रणनीति पर जोर दे रही हैं, ताकि किसी भी तरह के भू-राजनीतिक रिस्क को कम किया जा सके और सप्लाई चेन को डायवर्सिफाई किया जा सके।
भारतीय IT सेक्टर पर क्या असर होगा?
यह खबर केवल Accenture तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल कंपनियों के बदलते 'बिजनेस मॉडल' की ओर इशारा करती है। यदि ग्लोबल क्लाइंट्स रिस्क कम करने के लिए अपनी ऑपरेशंस को चीन से बाहर निकालते हैं, तो इसका सीधा असर भारतीय आईटी दिग्गजों जैसे TCS, Infosys, और Wipro पर पड़ सकता है। क्लाइंट्स की बदली हुई प्राथमिकताएं भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती हैं। फिलहाल निवेशकों को कंपनी के आधिकारिक बयान और डील की बारीकियों का इंतजार करना चाहिए।
