Accenture ने भारत में अपनी लीडरशिप में बड़ा बदलाव करते हुए प्रदीप प्रभाला को नया हेड नियुक्त किया है। प्रभाला 1 सितंबर, 2026 से भारत मार्केट यूनिट की कमान संभालेंगे। यह नियुक्ति कंपनी के भारत में ग्रोथ को रफ्तार देने और AI इंटीग्रेशन पर जोर देने के प्लान का हिस्सा है।
Detailed Coverage
2026 से प्रदीप प्रभाला की एंट्री
Accenture ने अपने भारत मार्केट यूनिट का नेतृत्व करने के लिए प्रदीप प्रभाला के नाम का ऐलान किया है। प्रभाला 1 सितंबर, 2026 से यह जिम्मेदारी संभालेंगे। वह मैकिन्से एंड कंपनी (McKinsey & Company) से आ रहे हैं, जहां वे एक पार्टनर के तौर पर काम कर रहे थे। प्रभाला के पास 20 साल से ज़्यादा का अनुभव है और माना जा रहा है कि वे भारत में कंपनी की स्थिति को और मज़बूत करेंगे, क्योंकि भारत Accenture के ग्लोबल टेक कंसल्टिंग ऑपरेशंस का एक अहम केंद्र है।
AI और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पर खास फोकस
प्रदील प्रभाला की मुख्य ज़िम्मेदारी क्लाइंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा-संचालित रणनीतियों के ज़रिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में मदद करना होगा। उनके एजेंडे का एक बड़ा हिस्सा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का विस्तार करना है। ये सेंटर्स Accenture के बिजनेस मॉडल के लिए बहुत ज़रूरी हो गए हैं, क्योंकि इनसे कंपनी भारत से ही ग्लोबल क्लाइंट्स को हाई-एंड टेक्नोलॉजी सर्विसेज दे पाती है। सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन और कमर्शियल एक्सीलेंस में प्रभाला की विशेषज्ञता कंपनी को अपने क्लाइंट्स के लिए ज़्यादा लचीले बिजनेस स्ट्रक्चर बनाने में मदद करेगी।
पृष्ठभूमि और कंपनी का प्लान
McKinsey से पहले, प्रभाला लगभग एक दशक तक मॉनिटर डेलॉइट (Monitor Deloitte) के साथ जुड़े रहे। उन्होंने हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever) में भी काम किया है, जहाँ उन्होंने कंपनी के मॉडर्न ट्रेड बिजनेस को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी। कॉर्पोरेट कंसल्टिंग के अलावा, प्रभाला AI और डीप-टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स में एक एक्टिव इन्वेस्टर भी रहे हैं, जिससे उन्हें उभरती टेक्नोलॉजी का गहरा ज्ञान है। उम्मीद है कि यह अनुभव Accenture को अपनी सेवाओं में एडवांस्ड AI कैपेबिलिटीज को इंटीग्रेट करने में मदद करेगा।
मार्केट का नज़रिया
Accenture का भारत पर यह फोकस ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर के एंटरप्राइजेज के लिए टेक्नोलॉजी-आधारित रीइन्वेंशन एक बड़ी प्राथमिकता है। एक ऐसे लीडर की नियुक्ति, जिनका एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन में गहरा अनुभव है, यह दर्शाता है कि कंपनी हाई-वैल्यू कंसल्टिंग एंगेजमेंट्स की ओर बढ़ना चाहती है। निवेशक और इंडस्ट्री के जानकार इस बात पर नज़र रखेंगे कि यह नेतृत्व परिवर्तन Accenture की भारतीय टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग सेक्टर में मांग को पूरा करने की क्षमता को कैसे प्रभावित करता है। भविष्य में AI सेवाओं का सफल इंटीग्रेशन, GCCs का विस्तार और इस नेतृत्व परिवर्तन से मार्केट शेयर में बढ़ोतरी देखने लायक होगी।
