Accenture ने अपने नए बिजनेस यूनिट 'Accenture Construct' की शुरुआत की है, जिसका लक्ष्य डेटा सेंटर और पावर ग्रिड जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मैनेज करना है। **$260 बिलियन** के इस मार्केट में कंपनी AI के जरिए देरी और बजट ओवररन जैसी समस्याओं को हल करने की तैयारी कर रही है।
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में एंट्री
Accenture अब ट्रेडिशनल IT कंसल्टिंग से आगे बढ़कर फिजिकल एसेट्स के मैनेजमेंट में उतर गई है। 'Accenture Construct' के जरिए कंपनी बड़े प्रोजेक्ट्स का पूरा लाइफसाइकिल संभालेगी। इसका मुख्य मकसद कंस्ट्रक्शन के दौरान होने वाली देरी और बजट की समस्याओं को दूर करना है, जो अक्सर कई अलग-अलग कॉन्ट्रैक्टर्स की वजह से पैदा होती हैं।
AI का तड़का और रणनीति
कंपनी ने $260 बिलियन के कैपिटल प्रोजेक्ट्स मार्केट पर अपनी नजरें जमा ली हैं। Accenture अपनी मालिकाना डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग करके प्रोजेक्ट कॉस्ट और टाइमलाइन की भविष्यवाणी (Predictive Model) करेगी। इससे कंपनी का फोकस रिएक्टिव मैनेजमेंट से हटकर एक अधिक सटीक और डेटा-संचालित मॉडल पर होगा।
रिस्क और निवेशकों के लिए मायने
यह कदम कंपनी के लिए एक बड़ा 'स्ट्रैटेजिक पिवट' है। इसके लिए Accenture ने DLB Associates के साथ हाथ मिलाया है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि फिजिकल कंस्ट्रक्शन का रिस्क सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स से पूरी तरह अलग होता है। सप्लाई चेन की बाधाएं और सरकारी नियम (Regulatory Hurdles) कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। अब देखना यह होगा कि क्या Accenture अपनी इस नई यूनिट के जरिए यूटिलिटीज, टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग जैसे पांच प्रमुख सेक्टरों में अपनी बढ़त बना पाती है या नहीं।
