चीन की सरकारी मदद से बन रही लिथोग्राफी मशीनें ASML के लिए लंबे समय की चुनौती हैं। फिलहाल इन चीनी मशीनों का प्रोडक्शन वॉल्यूम ASML की ग्लोबल सप्लाई के मुकाबले कम है, लेकिन निवेशक अमेरिकी एक्सपोर्ट कंट्रोल और चीन की टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनने की कोशिशों पर नज़र रखे हुए हैं।
Detailed Coverage
ASML को चीन से टक्कर?
यूरोप की सेमीकंडक्टर उपकरण बनाने वाली दिग्गज कंपनी ASML को चीन से कड़ी चुनौती मिल रही है। चीन तेजी से अपनी घरेलू लिथोग्राफी मशीनों के विकास पर जोर दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के सरकारी मालिकाना हक वाली कंपनी शंघाई आइशेंगना इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी ग्रुप (Shanghai Aishengna Electronic Technology Group) ने इमर्शन डीप अल्ट्रावायलेट (DUV) लिथोग्राफी टूल्स का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। ये मशीनें सेमीकंडक्टर चिप्स बनाने के लिए बेहद जरूरी हैं, जिस सेक्टर में ASML का फिलहाल दबदबा है।
एक्सपोर्ट कंट्रोल और बाजार का असर
अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे एक्सपोर्ट प्रतिबंधों से चिप इक्विपमेंट का बाजार तेजी से बदल रहा है। इन प्रतिबंधों के चलते ASML पहले से ही चीन को अपनी सबसे एडवांस्ड एक्सट्रीम अल्ट्रावायलेट (EUV) सिस्टम्स और कुछ टॉप-टियर DUV टूल्स की सप्लाई नहीं कर पा रही है। ASML का अनुमान है कि चीन से उसे सालाना रेवेन्यू का लगभग 20%, यानी करीब €9 बिलियन मिल सकता है। लेकिन, चीन में लोकल विकल्पों के उभरने से इस रेवेन्यू पर अनिश्चितता बढ़ गई है। इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का कहना है कि भले ही चीनी कंपनियां अभी स्थापित टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता दें, लेकिन सप्लाई में भविष्य में रुकावट या और कड़े ट्रेड रिस्ट्रिक्शन्स के डर से वे कम एफिशिएंट, लोकल-मेड टूल्स को अपनाने पर मजबूर हो सकती हैं ताकि उनका बिजनेस चलता रहे।
लंबी अवधि की प्रतिस्पर्धा का आकलन
हालांकि चीन का लक्ष्य आने वाले सालों में सीमित संख्या में इमर्शन DUV टूल्स का प्रोडक्शन करना है, लेकिन यह वॉल्यूम ASML की ग्लोबल शिपमेंट की तुलना में काफी कम है। ASML ने दशकों की इंजीनियरिंग और सुधार के दम पर अपनी लीडरशिप पोजीशन बनाई है, जिससे नए प्लेयर्स के लिए बराबरी करना मुश्किल है। JPMorgan जैसी फर्मों के एनालिस्ट्स का मानना है कि तत्काल खतरा सीमित है, क्योंकि कम एडवांस्ड डोमेस्टिक मशीनों का इस्तेमाल करने वाले चीनी मैन्युफैक्चरर्स को शायद ज्यादा प्रोडक्शन कॉस्ट और कम एफिशिएंसी का सामना करना पड़ेगा। फिर भी, इन टूल्स का विकास चीन की विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम करने की रणनीति का स्पष्ट संकेत है।
निवेशकों के लिए देखने लायक बातें
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता अमेरिकी रेगुलेशन के और सख्त होने की है, जिससे ASML की चीन को DUV टूल्स एक्सपोर्ट करने की क्षमता और सीमित हो सकती है। बाजार के प्रतिभागी इस बात पर नजर रख रहे हैं कि ये जियोपॉलिटिकल फैक्टर्स घरेलू चिपमेकर्स के बीच चीनी-निर्मित उपकरणों को अपनाने की दर को कैसे प्रभावित करते हैं। भविष्य के अपडेट्स इस बात पर फोकस करेंगे कि क्या ये लोकल मशीनें हाई-वॉल्यूम मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी रिलायबिलिटी और परफॉर्मेंस लेवल तक पहुंच सकती हैं, साथ ही चीनी बाजार से जुड़े ASML के रेवेन्यू गाइडेंस में कोई बदलाव होता है या नहीं। इसके अलावा, निवेशक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट पर एक्सपोर्ट कंट्रोल के दायरे को लेकर अमेरिकी सरकार की ओर से और पॉलिसी अपडेट्स पर भी नजर रखेंगे।
