कैलिफोर्निया स्थित AI फर्म Micro1 ने रोबोट को ट्रेन करने के लिए **10,000** लोगों की भर्ती शुरू की है। कंपनी वीडियो डेटा लेबलिंग के लिए **$50** से **$90** प्रति घंटे तक का भुगतान करेगी, जो AI इंडस्ट्री की बढ़ती जरूरतों को दर्शाता है।
भारी भर्ती का मकसद
Micro1 ने रोबोटिक्स ट्रेनर्स की खोज में एक बड़े ग्लोबल कैंपेन की शुरुआत की है। इस प्रक्रिया में ट्रेनर्स को रोबोट्स के काम का वीडियो फुटेज देखना होगा और उनकी गतिविधियों को लेबल करना होगा। यह मशीन लर्निंग मॉडल्स को फिजिकल वर्ल्ड में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार करने का एक अहम हिस्सा है।
कंपनी का शानदार सफर
CEO अली अंसारी के नेतृत्व में, Micro1 ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। कभी रिक्रूटमेंट सर्विस देने वाली यह कंपनी अब पूरी तरह से AI ट्रेनिंग डेटा पर फोकस कर रही है। कंपनी का ग्रोथ चार्ट काफी आक्रामक रहा है, जिसने अगस्त 2026 तक $500 मिलियन का ग्रॉस रन रेट हासिल कर लिया है। इतना ही नहीं, कंपनी ने हाल ही में Spirit Aviation Holdings की डेटा एसेट्स के लिए $12.5 मिलियन की बोली भी लगाई थी।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
नोट करने वाली बात यह है कि Micro1 एक प्राइवेट कंपनी है और NSE या BSE जैसे किसी भी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है। इसलिए आम निवेशकों के लिए इसमें निवेश का कोई सीधा जरिया नहीं है।
सेक्टर के रिस्क
हालाँकि, यह खबर पूरे AI इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का भविष्य दिखाती है। लेकिन इस बिजनेस में बड़े रिस्क भी हैं:
- निर्भरता: डेटा लेबलिंग कंपनियों का भविष्य बड़ी टेक फर्मों की स्पेंडिंग पर टिका है। यदि बड़ी कंपनियां अपना बजट कम करती हैं, तो इन फर्मों की डिमांड अचानक गिर सकती है।
- कॉम्पिटिशन: डेटा लेबलिंग मार्केट में कॉम्पिटिशन बहुत बढ़ गया है, जहाँ कई स्टार्टअप्स और बड़े दिग्गज आमने-सामने हैं।
- ऑपरेशनल चैलेंज: ग्लोबल स्तर पर 10,000 लोगों को मैनेज करना और क्वालिटी कंट्रोल बनाए रखना एक बड़ी टेक्निकल चुनौती है।
