AI स्टार्टअप LemonLime इन दिनों विवादों में घिरी है। कंपनी ने सैन फ्रांसिस्को में एक इवेंट में कुछ ऐसा किया कि हर कोई हैरान रह गया – उन्होंने कंपनी से जुड़ा टैटू बनवाने वालों को नौकरी के इंटरव्यू का ऑफर दे दिया। इस कदम की खूब आलोचना हो रही है, जिसके बाद कंपनी के को-फाउंडर को माफी मांगनी पड़ी और उन्होंने प्रतिभागियों के टैटू रिमूवल का खर्च उठाने की पेशकश भी की है।
इंटरव्यू के बदले कंपनी का टैटू!
सैन फ्रांसिस्को में Y Combinator के स्टार्टअप स्कूल के बाद हुए एक आफ्टर-पार्टी में AI ऑटोमेशन कंपनी LemonLime ने एक टैटू आर्टिस्ट को बुलाया। कंपनी ने ऐलान किया कि जो भी वहां मौजूद व्यक्ति कंपनी से जुड़ा टैटू बनवाएगा, उसे तुरंत जॉब इंटरव्यू का मौका दिया जाएगा। इस इवेंट में 7 लोगों ने कंपनी का टैटू बनवाया।
शुरुआत में, को-फाउंडर जॉर्डन ज़िट्ज़ ने इस कदम को संभावित कर्मचारियों के रिस्क लेने की क्षमता को परखने का एक क्रिएटिव तरीका बताया। लेकिन, यह आईडिया सोशल मीडिया पर बुरी तरह फेल हो गया। लोगों ने इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना और शोषणकारी बताया, खासकर ऐसे समय में जब टेक जॉब्स के लिए कॉम्पिटिशन बहुत ज़्यादा है।
कंपनी की साख पर असर
आलोचकों का कहना है कि इस तरह की हरकतें नियोक्ता और नौकरी चाहने वाले के बीच एक असहज पावर डायनामिक पैदा करती हैं। भले ही कंपनी ने यह साफ किया कि टैटू बनवाने से नौकरी की गारंटी नहीं थी, लेकिन स्टार्टअप कम्युनिटी के कई लोगों ने इसे करियर के मौके से जोड़कर एक परमानेंट फैसला लेने का दबाव बनाने जैसा माना।
मैनेजमेंट का जवाब और समाधान
इस बढ़ते हंगामे के जवाब में, जॉर्डन ज़िट्ज़ ने लिंक्डइन पर एक पब्लिक माफीनामा पोस्ट किया। उन्होंने इस पहल को 'लापरवाह' बताया और माना कि कंपनी ने प्रतिभागियों पर पड़ने वाले दबाव और टैटू जैसे परमानेंट फैसले को करियर से जोड़ने की समस्या को ठीक से नहीं समझा। कंपनी ने अपने सभी सोशल मीडिया चैनलों से इस इवेंट से जुड़े प्रमोशनल कंटेंट को हटा दिया है।
इस विवाद को सुलझाने के लिए, LemonLime ने उन सभी लोगों से संपर्क किया है जिन्होंने इवेंट में टैटू बनवाया था। स्टार्टअप ने पेशकश की है कि अगर कोई भी व्यक्ति अपने टैटू को हटवाना चाहता है, तो कंपनी उसका पूरा खर्च उठाएगी। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि स्टार्टअप मैनेजमेंट टीमों को कॉर्पोरेट कल्चर और एथिकल हायरिंग प्रैक्टिसेज के मामले में कितनी कड़ी जांच का सामना करना पड़ता है, जिसका सीधा असर ब्रांड की वैल्यू और टैलेंट को आकर्षित करने की क्षमता पर पड़ता है।
