AI बदल रहा है IT सेक्टर का समीकरण
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारतीय IT सर्विसेज की बड़ी कंपनियों के लंबे समय से चले आ रहे स्केल एडवांटेज को धीरे-धीरे खत्म कर रहा है। मिड-कैप कंपनियां अब फुर्ती, कम लागत में डिलीवरी और कर्मचारियों को तेजी से री-ट्रेन करने की क्षमता दिखाकर आगे बढ़ रही हैं। लेकिन, ग्लोबल इकोनॉमी की अनिश्चितताओं को देखते हुए, बड़े और स्थापित IT खिलाड़ी अभी भी ज्यादातर बड़े आउटसोर्सिंग कॉन्ट्रैक्ट जीत रहे हैं। इससे छोटी कंपनियों के लिए बड़े सौदे हासिल करना मुश्किल हो रहा है।
मिड-कैप की ग्रोथ बनाम बड़े सौदों पर हिचकिचाहट
CareEdge Research के आंकड़े बताते हैं कि फाइनेंशियल ईयर 2026 में मिड-कैप IT फर्मों के बड़े सौदों में लगभग 10% की गिरावट देखी गई। वहीं, बड़ी IT कंपनियों ने इसी तरह के बड़े सौदों में करीब 12% की ग्रोथ दर्ज की। यह अंतर तब है जब मिड-कैप कंपनियां रेवेन्यू ग्रोथ और डिलीवरी की एफिशिएंसी में लगातार अपने बड़े प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
CareEdge Advisory की सीनियर डायरेक्टर तन्वी शाह ने कहा, "यह अंतर मुख्य रूप से क्लाइंट्स के खर्च में सावधानी और ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितताओं के कारण धीमी निर्णय प्रक्रिया का नतीजा है।" उन्होंने आगे कहा, "साथ ही, कंपनियां अपनी व्यापक क्षमताओं और मजबूत एक्जीक्यूशन क्षमता के लिए स्थापित बड़ी IT कंपनियों को प्राथमिकता दे सकती हैं।"
रेवेन्यू ग्रोथ में बड़ी कंपनियों से आगे
Coforge, L&T Technology Services, Mphasis और Persistent Systems जैसी मिड-कैप कंपनियों के संयुक्त विश्लेषण से पता चलता है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही में तिमाही रेवेन्यू ग्रोथ 2.1% से बढ़कर 2.6% हो गई। इसी तिमाही में सालाना रेवेन्यू ग्रोथ 14.3% रही। यह ग्रोथ Tata Consultancy Services, Infosys, HCLTech, Wipro और Tech Mahindra जैसी बड़ी कंपनियों द्वारा रिपोर्ट की गई 4% ग्रोथ से काफी ज्यादा है।
हालांकि, यह ग्रोथ रेट पिछले साल के उच्च स्तरों से धीमी हुई है, जो कि टेक्नोलॉजी खर्च में व्यापक ग्लोबल मंदी को दर्शाता है। CareEdge Advisory के असिस्टेंट डायरेक्टर कल्पेश मंत्री ने चेतावनी दी, "भले ही AI से नए अवसर पैदा हो रहे हैं, लेकिन विभिन्न उद्योगों की फर्मों द्वारा खर्च में बरती जा रही सावधानी और सौदों की गति पर इसका असर एक महत्वपूर्ण फैक्टर रहेगा जिस पर नजर रखने की जरूरत है।"
फुर्ती और कीमत से मिल रही है टक्कर
इंडस्ट्री के एग्जीक्यूटिव्स का कहना है कि AI-संचालित डिलीवरी मॉडल कॉम्पिटिटिव डायनामिक्स को बदल रहे हैं, जिससे केवल कर्मचारियों की संख्या का बड़ा होना कम महत्वपूर्ण हो गया है। मिड-कैप फर्में, जिनके मार्जिन अक्सर टाइट होते हैं और कर्मचारी कम होते हैं, वे ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स जीतने के लिए अपनी फ्लेक्सिबिलिटी और कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग का इस्तेमाल कर रही हैं। UnearthInsight के CEO और फाउंडर गौरव वासु ने कहा, "Tata Consultancy Services के EBITDA मार्जिन 18% हैं, जो इंडस्ट्री में सबसे बेहतर हैं और Accenture या Cognizant जैसे ग्लोबल प्लेयर्स को भी पीछे छोड़ते हैं। इससे मिड-कैप IT फर्मों को AI में डीप डिस्काउंटेड डील्स ऑफर करने की क्षमता मिली है, क्योंकि उन्हें अपने मार्जिन प्रोफाइल को बेहतर बनाए रखने की उतनी चिंता नहीं है।"
मिड-कैप फर्मों के एग्जीक्यूटिव्स ने AI ऑपरेटिंग मॉडल के अनुकूल होने में अपने छोटे आकार के फायदे को भी उजागर किया। उदाहरण के लिए, Coforge ने चौथी तिमाही में 30% रेवेन्यू में बढ़ोतरी और नेट प्रॉफिट में 134% की भारी उछाल दर्ज की, और अपनी सफलता का श्रेय कर्मचारियों की तेजी से री-ट्रेनिंग को दिया। Coforge के CEO सुधीर सिंह ने एक अर्निंग कॉल के दौरान कहा, "ऐसे नए वैल्यू पूल हैं जिन्हें छोटे और फुर्तीले खिलाड़ी संबोधित कर सकते हैं, जो खुद को तेजी से बदल सकते हैं और अपने कर्मचारियों को री-ट्रेन कर सकते हैं।" उन्होंने अपनी एजिलिटी के बारे में कहा, "हम छोटे हैं, इसलिए पिछले तीन सालों में हम 35,000 लोगों को इतनी तेजी से री-ट्रेन कर पाए हैं जितनी हमारी परफॉरमेंस में दिखती है।"
Zensar Technologies के CEO और MD मनीष टंडन ने भी मौजूदा डिमांड माहौल में स्पीड के महत्व पर जोर देते हुए सहमति जताई। उन्होंने कहा, "AI हमारे लिए विनाश का जोखिम नहीं बल्कि एक शुद्ध पॉजिटिव है; यह प्रोडक्टिविटी बढ़ाता है, ट्रांजिशन्स को तेज करता है, और अधिक स्केलेबल डिलीवरी को संभव बनाता है।"
