भारतीय सर्विलांस कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। AI-पावर्ड वीडियो एनालिटिक्स की बढ़ती डिमांड के चलते Aditya Infotech और Prizor Viztech ने **6 अक्टूबर, 2026** को अपने **52-वीक हाई** को छू लिया है।
भारत का सर्विलांस सेक्टर इस वक्त बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कंपनियां अब साधारण कैमरा हार्डवेयर से आगे बढ़कर AI-इंटीग्रेटेड वीडियो एनालिटिक्स की ओर रुख कर रही हैं। रियल-टाइम डेटा प्रोसेसिंग और स्मार्ट मॉनिटरिंग के चलते निवेशकों का रुझान इन शेयरों की तरफ बढ़ा है।
प्रमुख खिलाड़ियों का प्रदर्शन
CP Plus ब्रांड की पैरेंट कंपनी Aditya Infotech इस ट्रेंड का सबसे ज्यादा फायदा उठा रही है। फाइनेंशियल ईयर 2025-2026 में कंपनी ने ₹4,220.8 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 36% की ग्रोथ है। ₹48,756 करोड़ की मार्केट कैप वाली इस कंपनी के शेयरों में निवेशकों की भारी दिलचस्पी दिख रही है।
वहीं, SME सेगमेंट की Prizor Viztech ने भी बाजी मारी है। कंपनी का RoCE 38.7% और ROE 35.8% है, जो इसके बेहतर ऑपरेशनल मैनेजमेंट को दर्शाता है।
सेक्टर में नई हलचल
इस सेक्टर में जल्द ही नया नाम जुड़ने वाला है। Transline Technologies को जनवरी 2026 में SEBI से IPO की मंजूरी मिल चुकी है। कंपनी 1.62 करोड़ शेयर के ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए फंड जुटाकर अपने AI-इंटीग्रेटेड सर्विलांस कारोबार को और बड़ा करना चाहती है।
क्या हैं सावधानियां?
निवेशकों को कुछ जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए:
- हाई वैल्युएशन: इस सेक्टर के कई शेयर फिलहाल महंगे दाम पर ट्रेड कर रहे हैं, जिससे अर्निंग्स पर दबाव पड़ सकता है।
- सरकारी निर्भरता: यह इंडस्ट्री काफी हद तक सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स पर टिकी है।
- लिक्विडिटी रिस्क: Prizor Viztech जैसे SME स्टॉक्स में अक्सर बड़े स्टॉक्स के मुकाबले कम लिक्विडिटी और ज्यादा उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिलता है।
आने वाले समय में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन और AI सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर होने वाले खर्च पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
