साल **2026** की पहली तिमाही में AI कंपनियों ने **$226 बिलियन** की रिकॉर्ड फंडिंग जुटाई है। गौर करने वाली बात यह है कि इस पूरी फंडिंग का बड़ा हिस्सा नकद (Cash) नहीं, बल्कि क्लाउड क्रेडिट और इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब ग्लोबल वेंचर कैपिटल के लिए सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बन गया है। साल 2026 की पहली तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि इस सेक्टर ने $226 बिलियन की फंडिंग हासिल की, जो पूरी दुनिया की इक्विटी फंडिंग का 80% है। यह पिछले सालों के मुकाबले एक बड़ा शिफ्ट है।
बड़े खिलाड़ियों का दबदबा
इस तेजी का फायदा सबसे ज्यादा दिग्गज कंपनियों को मिला है। मार्च 2026 में OpenAI ने $122 बिलियन की फंडिंग जुटाई, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन $852 बिलियन तक पहुंच गई। वहीं, Anthropic ने फरवरी में $30 बिलियन का सीरीज-जी राउंड पूरा किया, जिसकी वैल्यूएशन $380 बिलियन है। इन्वेस्टर अब उन्हीं कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं जो 'फाउंडेशनल मॉडल' बनाने की क्षमता रखती हैं।
क्या सब कुछ कैश है? (इन्वेस्टर्स के लिए अलर्ट)
रिपोर्ट्स में जो भारी-भरकम आंकड़े दिख रहे हैं, उनमें बड़ा हिस्सा 'नॉन-कैश' एग्रीमेंट्स का है। कई मामलों में क्लाउड प्रोवाइडर कंपनियां नकदी देने के बजाय क्लाउड कंप्यूटिंग पावर, डेटा सेंटर एक्सेस और चिप्स के रूप में निवेश कर रही हैं। इसका मतलब यह है कि कंपनियों के पास ऑपरेशन और सैलरी के लिए उपलब्ध असली लिक्विडिटी, रिपोर्ट की गई डील साइज से काफी कम हो सकती है।
रिस्क फैक्टर
इस बेतहाशा निवेश में जोखिम भी कम नहीं हैं। ये कंपनियां GPUs और महंगे टैलेंट पर अंधाधुंध खर्च कर रही हैं। चूंकि ये कंपनियां अभी प्राइवेट हैं, इसलिए इनकी वैल्यूएशन की कोई पब्लिक मार्केट टेस्टिंग नहीं हुई है। अब विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि क्या ये कंपनियां अपनी इस कंप्यूटिंग पावर को असली रेवेन्यू में बदल पाएंगी या आने वाले समय में ये हाई-वैल्यूएशन दबाव में आ जाएंगी।
