Freehand AI: सप्लाई चेन ऑटोमेशन के लिए ₹625 करोड़ जुटाए

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AuthorNeha Patil|Published at:
Freehand AI: सप्लाई चेन ऑटोमेशन के लिए ₹625 करोड़ जुटाए

सप्लाई चेन (Supply Chain) में AI का इस्तेमाल करने वाली स्टार्टअप कंपनी Freehand ने **$75 मिलियन (लगभग ₹625 करोड़)** की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Battery Ventures और NewRoad Capital Partners ने किया है। कंपनी का लक्ष्य स्वायत्त एजेंटों (autonomous agents) का उपयोग करके कॉर्पोरेट खर्चों (corporate spending) को मैनेज करना है, जिससे बड़े उद्यमों (large enterprises) के लिए लागत कम हो सके।

सप्लाई चेन को ऑटोमेट करने के लिए AI का इस्तेमाल

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित सप्लाई चेन मैनेजमेंट सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी Freehand ने एक नए फंडिंग राउंड में $75 मिलियन (लगभग ₹625 करोड़) जुटाए हैं। इस बड़े निवेश का नेतृत्व Battery Ventures और NewRoad Capital Partners ने किया है, जिसमें PSP Growth और Nexus Venture Partners जैसी फर्मों ने भी भाग लिया। इस पैसे का मुख्य उपयोग कंपनी की स्वायत्त AI तकनीक को और बेहतर बनाने में किया जाएगा, जो जटिल कॉर्पोरेट खरीद (procurement) और खर्चों (expenditure) को संभालने के लिए डिज़ाइन की गई है।

पारंपरिक ऑटोमेशन से आगे

Freehand का AI पारंपरिक एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर से अलग है, जो मैन्युअल इनपुट पर निर्भर करता है। इसके बजाय, Freehand स्वायत्त AI एजेंटों का उपयोग करके सप्लाई चेन के हर चरण को मैनेज करता है। ये एजेंट खुद ही रेट तय करने, कॉन्ट्रैक्ट लागू करने, पेमेंट प्रोसेस करने और वित्तीय हिसाब-किताब का काम स्वतंत्र रूप से करते हैं। यह तकनीक उन प्रक्रियाओं को ऑटोमेट करती है जिनके लिए पहले इंसानों की काफी मेहनत या थर्ड-पार्टी आउटसोर्सिंग की जरूरत पड़ती थी।

कंपनियों की एफिशिएंसी पर असर

इस AI तकनीक को Meta, Unilever, Johnson & Johnson और Pfizer जैसी कई बड़ी ग्लोबल कंपनियों ने अपनाया है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती यूजर्स ने जटिल खरीद श्रेणियों में अपने खर्चों पर 5% से 10% तक की बचत बताई है। इसके अलावा, इस प्लेटफॉर्म ने खरीद से भुगतान (procure-to-pay) की प्रक्रिया को 70% से ज्यादा तेज कर दिया है और मैन्युअल तरीकों की तुलना में वर्कफ्लो की स्पीड में काफी इजाफा किया है।

टेक्नोलॉजी की खासियत

Freehand के प्लेटफॉर्म की एक खास बात इसका 'कैटेगरी कॉन्टेक्स्ट ग्राफ' (Category Context Graph) है। यह AI को अनस्ट्रक्चर्ड डेटा (जैसे डॉक्यूमेंट्स और बातचीत) को स्ट्रक्चर्ड वित्तीय जानकारी के साथ जोड़ने की सुविधा देता है। इससे AI एजेंटों को सप्लाई चेन मैनेजरों जैसा ज्ञान मिलता है। कंपनी का दावा है कि यह सॉफ्टवेयर बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (BPO) के मुकाबले एक पारदर्शी विकल्प प्रदान करता है, जिसमें अक्सर स्केल, मानवीय त्रुटि और धीमी प्रोसेसिंग जैसी समस्याएं आती हैं।

मार्केट में आगे क्या?

हालांकि कंपनी के शुरुआती नतीजे एफिशिएंसी में सुधार दिखाते हैं, लेकिन अलग-अलग इंडस्ट्रीज में मौजूदा सिस्टम के साथ इसके इंटीग्रेशन पर इसका भविष्य निर्भर करेगा। निवेशक और बाजार के जानकार यह देखेंगे कि क्या यह स्वायत्त AI तकनीक बड़े पैमाने पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर पाती है, खासकर जब यह पहले से स्थापित BPO कंपनियों से मुकाबला करेगी। कंपनी के नए एंटरप्राइज कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने और अपनी क्षमता बढ़ाने की खबरें भविष्य में इस क्षेत्र पर इसके असर का अंदाजा लगाने के लिए महत्वपूर्ण होंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.