AI का इस्तेमाल अब प्रयोगों से आगे बढ़कर एंटरप्राइज लेवल तक पहुंच रहा है, लेकिन सिक्योरिटी और सेफ्टी की चुनौतियां बड़ी रुकावट बन गई हैं। TechCrunch Disrupt 2026 में होने वाली चर्चाओं से साफ है कि अब सिर्फ बेहतर कोड नहीं, बल्कि बिजनेस ट्रस्ट ही असली सफलता तय करेगा। निवेशकों के लिए यह एक अहम संकेत है कि वे अब उन कंपनियों पर नजर रखें जो नई सुविधाओं के बजाय सुरक्षित और स्थिर डिप्लॉयमेंट दे रही हैं।
'पायलट पुर्गेटरी' का बढ़ता दबाव
कई स्टार्टअप्स के लिए AI को एक साधारण डेमो से फुल-स्केल बिजनेस टूल बनाना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। इंडस्ट्री के डेटा के मुताबिक, बहुत सी कंपनियां 18 महीने से भी ज्यादा समय से केवल पायलट फेज में ही फंसी हुई हैं। इसे 'पायलट पुर्गेटरी' कहा जा रहा है, जो स्टार्टअप्स की फाइनेंशियल स्थिति पर भारी दबाव बना रहा है क्योंकि उन्हें निवेशकों और ग्राहकों को जवाब देना पड़ता है।
भरोसेमंद इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग
Anthropic जैसी कंपनियां अब Claude के रियल-वर्ल्ड डिप्लॉयमेंट को एनालाइज कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रोजेक्ट्स कहां फेल हो रहे हैं। यह शिफ्ट इशारा करती है कि मार्केट अब उस दौर में प्रवेश कर चुका है जहां 'सबसे अच्छा मॉडल' मायने नहीं रखता, बल्कि 'सबसे सुरक्षित और विश्वसनीय इंफ्रास्ट्रक्चर' की मांग बढ़ गई है। भारतीय IT सर्विस कंपनियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मॉनिटरिंग पॉइंट है, क्योंकि पायलट फेज में देरी होने से उनकी रेवेन्यू रिकग्निशन की गति धीमी हो सकती है।
ऑटोनॉमस AI और सिक्योरिटी रिस्क
जब AI एजेंट स्वायत्त (Autonomous) होकर काम करते हैं, तो वे कंपनी के नेटवर्क तक ज्यादा एक्सेस मांगते हैं, जो नए सुरक्षा जोखिम पैदा करता है। Okta और NanoCo जैसे दिग्गजों का मानना है कि सिक्योरिटी को अंत में नहीं, बल्कि शुरुआत से ही डिजाइन का हिस्सा होना चाहिए। निवेशकों को अब केवल AI मॉडल बनाने वाली कंपनियों के बजाय उन साइबर-सिक्योरिटी फर्मों पर फोकस करना चाहिए जो इन एजेंट्स को सुरक्षित मैनेज कर सकती हैं।
फिजिकल AI और डेटा की कमी
इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स जैसे फिजिकल AI में असफलता का जोखिम बहुत बड़ा है, क्योंकि यहाँ एक गलती भारी नुकसान करा सकती है। Shield AI, General Motors और Waabi जैसी कंपनियां सुरक्षा प्रोटोकॉल पर जोर दे रही हैं, लेकिन मुख्य बाधा 'डेटा की कमी' है। रोबोटिक्स के लिए वैसा बड़ा डेटासेट मौजूद नहीं है जैसा लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स के लिए उपलब्ध है। NVIDIA इस डेटा गैप को भरने के लिए काम कर रही है, और निवेशकों के लिए इस दिशा में होने वाली प्रगति ही हार्डवेयर एडॉप्शन की रफ्तार तय करेगी।
