Nisum की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, केवल **5.5%** कंपनियां ही AI निवेश से वास्तविक मुनाफा कमा पा रही हैं। निवेशकों के लिए यह एक चेतावनी है कि बिखरा हुआ डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की ग्रोथ में बड़ी बाधा बन सकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज ई-कॉमर्स सेक्टर में कैपिटल स्पेंडिंग का मुख्य केंद्र बन गया है, लेकिन उम्मीदों और असल नतीजों के बीच एक बड़ी खाई दिख रही है। ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग फर्म Nisum की रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 5.5% संगठन ही AI निवेश को ठोस मुनाफे में बदल पाए हैं। यह कम सफलता दर यह बताती है कि ज्यादातर कंपनियां अपने AI टूल्स के कारण नहीं, बल्कि अपने बिखरे हुए डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से मात खा रही हैं।
डेटा साइलो (Data Silos) की छिपी हुई लागत
रिटेलर्स के लिए सबसे बड़ी समस्या आइसोलेटेड डेटा सिस्टम है। जब इन्वेंट्री रिकॉर्ड, प्रोडक्ट कैटलॉग और ग्राहकों का खरीदारी इतिहास अलग-अलग डेटाबेस में कैद होता है, तो AI सिस्टम सही तरह से काम नहीं कर पाता। एक एकीकृत व्यू के बिना, प्रेडिक्टिव AI सटीक सुझाव नहीं दे सकता और इन्वेंट्री-ट्रैकिंग सिस्टम मार्केटिंग इंजनों के साथ तालमेल बिठाने में फेल हो जाते हैं। इसका नतीजा खराब कस्टमर एक्सपीरियंस और सेल्स पर असर के रूप में सामने आता है।
एंटरप्राइज स्तर पर बढ़ती गलतियां
बिना मजबूत डेटा फाउंडेशन के AI पहल को स्केल करने की कोशिश करना एक बड़ा ऑपरेशनल रिस्क है। यदि डेटा गलत या आउटडेटेड है, तो AI उस गलती को पूरे एंटरप्राइज में फैला देता है। जो कंपनियां बिना क्वालिटी चेक के जेनरेटिव AI या कॉम्प्लेक्स एनालिटिक्स की ओर भागती हैं, उनके प्रोजेक्ट्स अक्सर शुरुआती दौर (पायलट फेज) में ही फंसकर रह जाते हैं और लागत वसूल नहीं हो पाती।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
ई-कॉमर्स कंपनियों का विश्लेषण करते समय निवेशकों को केवल AI एडॉप्शन के बड़े दावों से आगे देखना होगा। असली परख कंपनी की 'डिजिटल मैच्योरिटी' और 'ऑपरेशनल एफिशिएंसी' से होती है। निवेशकों को मैनेजमेंट की उन बातों पर गौर करना चाहिए जो डेटा गवर्नेंस, सिस्टम इंटीग्रेशन और लेगसी इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण से जुड़ी हों। यह ट्रेंड उन IT और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन फर्मों के लिए एक बड़ा अवसर है जो कंपनियों को डेटा क्लीनिंग और इंटीग्रेशन की सेवाएं देती हैं। AI की रेस में वही कंपनियां जीतेंगी जो डेटा को एक वन-टाइम प्रोजेक्ट के बजाय एक निरंतर जरूरी प्रक्रिया मानेंगी।
