सितंबर और अक्टूबर 2026 के बीच साउथ कोरिया के कई बड़े बैंकों को एआई-संचालित (AI-driven) साइबर हमलों का सामना करना पड़ा है। इस घटना में करीब **68,000** ग्राहकों का पर्सनल डेटा लीक हो गया है, जो बैंकिंग सेक्टर की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान है।
साउथ कोरिया के प्रमुख वित्तीय संस्थानों जैसे Shinhan Bank, KB Kookmin Bank और Hana Bank पर हुए साइबर हमलों ने डिजिटल बैंकिंग की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। साइबर सुरक्षा फर्म CrowdStrike के अनुसार, हमलावरों ने ARTEX नामक एक ओपन-सोर्स टूल और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स का इस्तेमाल किया, जिससे उन्होंने बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियों को ऑटोमैटिक तरीके से ढूंढ निकाला। फिलहाल, Financial Services Commission और National Police Agency मामले की जांच कर रहे हैं।\n\n### थर्ड-पार्टी सिस्टम पर हमला\n\nराहत की बात यह है कि हमलावरों ने मुख्य बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के बजाय लोन पूछताछ और एम्प्लॉई सपोर्ट पोर्टल जैसे थर्ड-पार्टी सिस्टम को निशाना बनाया। इस वजह से किसी भी तरह की वित्तीय चोरी (Financial Theft) की खबर नहीं है। हालांकि, ग्राहकों का पर्सनल डेटा लीक होने से भविष्य में फिशिंग और फ्रॉड का खतरा बढ़ गया है।\n\n### निवेशकों के लिए संकेत\n\nAI के जरिए होने वाले ये हमले ग्लोबल बैंकिंग के लिए एक नई चुनौती हैं। अब साइबर इंश्योरेंस मार्केट में भी सख्ती देखी जा सकती है, जिससे बैंकों के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ सकते हैं। आने वाले समय में बैंकों को अपनी डिजिटल सुरक्षा और कंप्लायंस पर और ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है, जो उनके ऑपरेटिंग कॉस्ट को स्थायी रूप से बढ़ा सकता है।
