AI पर फोकस करने वाले नए ब्राउज़र स्टार्टअप Polar ने Madrona की अगुवाई में **$5.7 मिलियन** (लगभग **₹47 करोड़**) की सीड फंडिंग हासिल की है। कंपनी का लक्ष्य प्रोफेशनल्स को रोज़मर्रा के रिसर्च और सेल्स जैसे कामों को ऑटोमेट करने में मदद करना है।
प्रोफेशनल्स के लिए ऑटोमेशन पर खास फोकस
Polar, जिसकी फाउंडिंग Perplexity के पूर्व कर्मचारी Kevin Jiang ने की है, एक AI-इंटीग्रेटेड वेब ब्राउज़र बना रही है। यह खासतौर पर प्रोफेशनल्स के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो नॉलेज वर्कर्स को प्रोफेशनल काम में मदद करेगा। पहले आए AI ब्राउज़र्स ज़्यादातर आम ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाए गए थे, जैसे ट्रिप बुकिंग या सामान्य सर्च। लेकिन Polar इस मॉडल से हटकर प्रोफेशनल माहौल के लिए खास टूल्स बना रही है।
इस ब्राउज़र में यूजर्स AI प्रॉम्प्ट सेव कर सकते हैं, कॉम्प्लेक्स वर्कफ़्लो शेड्यूल कर सकते हैं, और अपने एक्टिव ब्राउज़र टैब्स के आधार पर AI एजेंट्स को टास्क असाइन कर सकते हैं। इन फीचर्स का इस्तेमाल रिक्रूटमेंट, सेल्स, मार्केटिंग और बिजनेस रिसर्च जैसे कामों में किया जा सकता है।
बिज़नेस मॉडल और यूज़र अडॉप्शन
Polar फिलहाल अपना ब्राउज़र फ्री में दे रही है, जिसमें AI टास्क के लिए कुछ लिमिटेड डेली क्रेडिट मिलते हैं। जो प्रोफेशनल्स ज़्यादा इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनके लिए कंपनी $20 प्रति माह (लगभग ₹1660) की सब्सक्रिप्शन सर्विस भी लाई है। कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यूज़र्स के बिहेवियर को बदलना है, क्योंकि कई मौजूदा यूज़र्स Polar का इस्तेमाल खास ऑटोमेशन टास्क के लिए कर रहे हैं, जबकि सामान्य ब्राउज़िंग के लिए वे अभी भी अपना पुराना ब्राउज़र इस्तेमाल करते हैं। Polar का लॉन्ग-टर्म लक्ष्य इस ब्राउज़र को इन ऑटोमेटेड वर्कफ़्लो का प्राइमरी हब बनाना है, हालांकि मैनेजमेंट का कहना है कि अगर यह कारगर साबित होता है तो वे दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर भी विस्तार के लिए तैयार हैं।
इन्वेस्टर का नज़रिया
Madrona जैसे इन्वेस्टर, AI एजेंट्स की क्षमता पर दांव लगा रहे हैं – यानी AI का यूज़र की ओर से विभिन्न वेबसाइटों पर टास्क परफॉर्म करने की क्षमता। ब्राउज़र इस टेक्नोलॉजी के लिए एक बेहतरीन डिलीवरी मैकेनिज़्म का काम करता है, क्योंकि यह AI को यूज़र के विभिन्न वेबसाइटों और प्रोफेशनल टूल्स के साथ इंटरैक्ट करने के तरीके के बारे में कॉन्टेक्स्ट देता है। हालांकि यह टेक्नोलॉजी एफिशिएंसी बढ़ा सकती है, लेकिन प्लेटफ़ॉर्म की असल सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि AI कितनी भरोसेमंद तरीके से विभिन्न वेबसाइटों पर कॉम्प्लेक्स टास्क एग्जीक्यूट कर पाता है, जो अक्सर ऑटोमेटेड इंटरैक्शन के लिए डिज़ाइन नहीं की जाती हैं। इन्वेस्टर संभवतः इस बात पर नज़र रखेंगे कि कंपनी यूज़र अडॉप्शन बढ़ने के साथ अपने इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट को कैसे मैनेज करती है और क्या वह फ्री यूज़र्स को $20 प्रति माह के प्राइस पॉइंट पर पेइंग सब्सक्राइबर्स में कन्वर्ट कर पाती है।
