AI Adoption: कंपनियों के लिए गले की फांस बनी AI की दौड़, बढ़े मैनेजमेंट के गुप्त खर्च

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
AI Adoption: कंपनियों के लिए गले की फांस बनी AI की दौड़, बढ़े मैनेजमेंट के गुप्त खर्च

कंपनियों में AI अपनाने की होड़ मची है, लेकिन इसके साथ ही मैनेजमेंट की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। अब परफॉरमेंस इवैल्यूएशन और बढ़ते IT खर्चों पर लगाम लगाना कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन के लिए बड़ा रिस्क बन गया है।

कंपनियां फिलहाल एक ऐसे दौर से गुजर रही हैं जहां AI से प्रोडक्टिविटी बढ़ाने का शुरुआती वादा अब जटिल प्रशासनिक बाधाओं (Administrative Oversight) में फंसता नजर आ रहा है। हालांकि लीडरशिप टीम इस तकनीक को लेकर काफी सकारात्मक है, लेकिन डेटा बताता है कि इंटीग्रेशन की यह प्रक्रिया ऑपरेशनल घर्षण (Operational Friction) पैदा कर रही है, जिस पर निवेशकों को बारीक नजर रखनी होगी।

परफॉरमेंस का आकलन हुआ मुश्किल

सबसे बड़ी समस्या परफॉरमेंस इवैल्यूएशन में आ रही है। आधे से ज्यादा सीनियर मैनेजर्स का कहना है कि मानवीय काम और मशीन द्वारा किए गए काम के बीच का अंतर धुंधला होता जा रहा है। इसके कारण मैनेजर्स को अब AI आउटपुट की ऑडिटिंग में अपना ज्यादा समय खर्च करना पड़ रहा है, जिससे वे अपेक्षित एफिशिएंसी गेन्स (Efficiency Gains) हासिल नहीं कर पा रहे हैं जो उन्होंने शेयरधारकों से वादा किया था।

'शैडो AI' और बढ़ता खर्च

आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत भी चिंता का सबब है। कंपनियों ने सॉफ्टवेयर स्टैक को सुव्यवस्थित करने के बजाय AI को अंधाधुंध अपनाया है, जिससे 'सॉफ्टवेयर स्प्रॉल' की समस्या पैदा हुई है। कर्मचारी बिना अनुमति वाले टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे 'शैडो AI' कहा जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि केवल 29% ऑर्गेनाइजेशन ही अब तक एक सेंट्रलाइज्ड और ऑप्टिमाइज्ड AI इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच पाए हैं। निवेशकों के लिए यह बिखरा हुआ आईटी खर्च लंबे समय में ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।

गवर्नेंस और जवाबदेही पर संकट

गवर्नेंस और जवाबदेही भी बड़े रिस्क के रूप में उभर रहे हैं। कई लीडरशिप टीमें अब परफॉरमेंस रिव्यु लिखने के लिए AI का उपयोग कर रही हैं, जिससे 'एल्गोरिदम बायस' का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा, अब जब मैनेजर्स मानवीय टीमों के बजाय ऑटोनॉमस एजेंट्स को सुपरवाइज कर रहे हैं, तो मशीन की गलती पर जवाबदेही तय करना भी मुश्किल हो गया है।

निवेशकों को सलाह है कि वे आगामी तिमाही नतीजों और एनुअल फाइलिंग्स में यह देखें कि कंपनियां AI गवर्नेंस को कैसे संभाल रही हैं। कंपनी के पास 'ह्यूमन-इन-द-लूप' का ढांचा है या नहीं और क्या वे एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों के बाद भी वास्तविक लागत बचत (Cost Savings) दिखा पा रही हैं, यह निवेश के फैसले के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.