इजरायल के स्टार्टअप 42AI ने मार्केट में कदम रखा है। कंपनी ने **$62.5 मिलियन** की फंडिंग जुटाई है, जो ऐसे AI मॉडल बनाएगी जो ट्रेडर्स के अगले फाइनेंशियल फैसलों की भविष्यवाणी कर सकते हैं। यह तकनीक पहले से ही **10** ब्रोकरेज फर्मों द्वारा उपयोग की जा रही है, लेकिन डेटा एथिक्स और हितों के टकराव (Conflict of Interest) को लेकर इस पर सवाल भी उठ रहे हैं।
तेल अवीव स्थित स्टार्टअप 42AI अब पूरी तरह से सामने आ चुका है। कंपनी ने $62.5 मिलियन की फंडिंग के साथ 'लार्ज बिहेवियरल मॉडल' (LBMs) विकसित करने की योजना बनाई है। CEO अमित गैल-ओर और CTO एहुद एज्रा के नेतृत्व में, यह तकनीक केवल मार्केट ट्रेंड्स नहीं, बल्कि व्यक्तिगत ट्रेडर्स की मंशा और भविष्य की गतिविधियों का अनुमान लगाने का दावा करती है।
तकनीक कैसे काम करती है?
यह प्लेटफॉर्म केवल पारंपरिक डेटा का विश्लेषण नहीं करता, बल्कि ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और कस्टमर सपोर्ट के साथ आपकी बातचीत का भी डेटा लेता है। इन आंकड़ों के जरिए कंपनी इंसान के व्यवहार का गणितीय मॉडल तैयार करती है। फिलहाल 10 बड़ी ब्रोकरेज फर्में इसका इस्तेमाल लिक्विडिटी मैनेज करने और हेजिंग स्ट्रैटेजी बनाने में कर रही हैं। एक क्लाइंट ने इस तकनीक के जरिए $30 मिलियन की अतिरिक्त वैल्यू जेनरेट करने का दावा किया है।
बड़े नैतिक और रेगुलेटरी सवाल
इस तकनीक को लेकर मार्केट में काफी हलचल है। सबसे बड़ी चिंता 'इंटरेस्ट कॉन्फ्लिक्ट' की है। यदि किसी ब्रोकर को पता चल जाए कि रिटेल ट्रेडर आगे क्या करने वाला है, तो ब्रोकरेज फर्म अपने फायदे के लिए मार्जिन या ट्रेडिंग रूल्स को बदल सकती है, जिससे रिटेल इन्वेस्टर को नुकसान हो सकता है।
हालांकि कंपनी का कहना है कि वे एथिक्स कमेटी के जरिए इसे नियंत्रित कर रहे हैं, लेकिन फिर भी निवेशकों और रेगुलेटर्स की नजरें इस पर टिकी हैं। चूंकि 42AI अभी एक प्राइवेट स्टार्टअप है, इसलिए इसमें निवेश का कोई सीधा रास्ता नहीं है, लेकिन आने वाले समय में फाइनेंशियल सेक्टर में रेगुलेटरी जांच का सामना इसे जरूर करना पड़ सकता है।
