eMudhra का 3i Infotech के आरोपों पर करारा जवाब: 'धोखाधड़ी नहीं, लड़ेंगे कानूनी जंग', शेयरधारकों को आश्वासन

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
eMudhra का 3i Infotech के आरोपों पर करारा जवाब: 'धोखाधड़ी नहीं, लड़ेंगे कानूनी जंग', शेयरधारकों को आश्वासन
Overview

eMudhra Limited ने 3i Infotech Limited के धोखाधड़ी, हितों के टकराव और कम मूल्यांकन के गंभीर आरोपों को दृढ़ता से अस्वीकार कर दिया है। एक निवेशक कॉन्फ्रेंस कॉल में, कार्यकारी अध्यक्ष वेंकटरामन श्रीनिवासन ने 2010 के विनिवेश और प्रेफरेंस शेयर मोचन जैसे ऐतिहासिक लेनदेन पर विस्तार से प्रकाश डाला, सभी कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और अनुपालन का आश्वासन दिया। eMudhra ने किसी भी कदाचार से इनकार किया और आरोपों का कानूनी रूप से मुकाबला करने की अपनी तत्परता व्यक्त की, साथ ही अदालत में जीत का भरोसा जताया।

🚩 आरोपों का खंडन और eMudhra का रुख

6 फरवरी 2026 को eMudhra Limited ने एक निवेशक कॉन्फ्रेंस कॉल आयोजित की, जिसमें 3i Infotech Limited द्वारा लगाए गए धोखाधड़ी, हितों के टकराव और कम मूल्यांकन के गंभीर आरोपों का सीधे तौर पर जवाब दिया गया। कार्यकारी अध्यक्ष वेंकटरामन श्रीनिवासन ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जो eMudhra के 2010 के विनिवेश (divestment) और उसके बाद हुए प्रेफरेंस शेयर (preference shares) के मोचन (redemption) से जुड़े थे।

श्रीनिवासन ने eMudhra की शुरुआत 3i Infotech की सहायक कंपनी के तौर पर होने, दिसंबर 2010 में Indus Innovest Holdings को इसका विनिवेश होने और खुद के जनवरी 2014 से प्रबंधन संभालने का विस्तृत ऐतिहासिक ब्यौरा पेश किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 2010 के विनिवेश के समय वे 3i Infotech में सिर्फ एक वेतनभोगी सीईओ (salaried CEO) थे, न कि प्रमोटर (promoter) या शेयरधारक (shareholder), जिससे व्यक्तिगत हितों के टकराव के दावे बेमानी हो जाते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि यह विनिवेश ₹55 करोड़ में हुआ था, जो डेलॉइट (Deloitte) के ₹30-35 करोड़ के अनुमानित मूल्यांकन से कहीं अधिक था। श्रीनिवासन के अनुसार, उस समय 3i Infotech के बोर्ड में प्रतिष्ठित हस्तियों की मौजूदगी और ICICI की हिस्सेदारी के कारण किसी भी प्रकार की गलत बयानी या धोखाधड़ी असंभव थी। उन्होंने Indus Innovest के स्वामित्व या उसके प्रमोटर रवि जगन्नाथन के साथ किसी भी व्यक्तिगत संबंध से भी साफ इनकार किया।

₹25 करोड़ के प्रेफरेंस कैपिटल मोचन (preference capital redemption) के संबंध में, eMudhra ने स्पष्ट किया कि सभी कार्रवाइयां पूरी तरह से पारदर्शी (transparent), प्रलेखित (documented) और अनुबंध के दायरे में थीं। कंपनी ने बताया कि मोचन का एक हिस्सा 2017 में सहमत शर्तों के तहत पूरा किया गया था, जिसे 3i Infotech ने स्वीकार भी किया था।

⚖️ कानूनी लड़ाई और भविष्य की राह

eMudhra को अपनी कानूनी स्थिति पर पूरा भरोसा है और कंपनी ने इन आरोपों का जोरदार तरीके से मुकाबला करने तथा अदालत में विजयी होने की अपनी मंशा जाहिर की है। हालांकि, कंपनी ने यह भी माना कि यह कानूनी प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है। eMudhra ने सुझाव दिया कि 3i Infotech के नए मैनेजमेंट को इन पुराने लेन-देनों की पूरी ऐतिहासिक जानकारी न होने के कारण शायद ये आरोप लगाए गए हैं।

निवेशकों के लिए मायने: इन आरोपों के चलते eMudhra के लिए प्रतिष्ठित जोखिम (reputational risk) और संभावित कानूनी खर्च (legal cost) बढ़े हैं। कंपनी के मजबूत खंडन और विस्तृत ऐतिहासिक स्पष्टीकरण से कुछ हद तक आश्वासन मिला है, लेकिन लंबी मुकदमेबाजी (litigation) बाजार में अस्थिरता (volatility) और निवेशकों के बीच अनिश्चितता (uncertainty) पैदा कर सकती है। बाजार अब इस कानूनी लड़ाई के नतीजों और चुनौतियों के बीच eMudhra की परिचालन गति (operational momentum) बनाए रखने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेगा।

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