eMudhra Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की तीसरी तिमाही (Q3) में अपने दमदार वित्तीय नतीजों से निवेशकों को राहत दी है। कंपनी की कुल आय (Total Income) पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 35.6% की ज़बरदस्त छलांग लगाते हुए ₹1,911 मिलियन पर पहुंच गई। वहीं, EBITDA में 38.2% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो ₹441 मिलियन रहा। इस दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन 23.1% रहा, और नेट प्रॉफिट (PAT) भी 29.5% की बढ़त के साथ ₹290 मिलियन पर पहुंच गया, जिसका नेट मार्जिन 15.2% रहा।
नौ महीनों (9M FY26) के हिसाब से देखें तो, कंपनी की टोटल इनकम 36.5% बढ़कर ₹5,166 मिलियन दर्ज की गई। इस अवधि में EBITDA 31.8% की वृद्धि के साथ ₹1,255 मिलियन रहा, जिसका EBITDA मार्जिन 24.3% था। नेट प्रॉफिट 28% की तेजी से ₹805 मिलियन पर पहुंच गया, और नेट मार्जिन 15.6% रहा।
ग्रोथ के पीछे की कहानी
कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक, इस बेहतरीन परफॉरमेंस के पीछे मुख्य वजहें प्रोडक्ट-लेड रेवेन्यू (Product-led revenue) में आई तेज़ी और यूरोप में CRYPTAS एक्विजिशन (Acquisition) के बाद वहां से मिले बेहतर कॉन्ट्रिब्यूशन हैं। इसके अलावा, ग्लोबल साइबरसिक्योरिटी (Cybersecurity) और कंप्लायंस (Compliance) के लिए बढ़ती ज़रूरतें, जैसे NIS2 और DORA, भी कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट कर रही हैं। BFSI सेगमेंट में eSignature और पेपरलेस वर्कफ़्लो (Paperless workflows) के लिए बढ़ती डिमांड भी एक पॉजिटिव फैक्टर रही।
US बिजनेस में चुनौतियां और आगे का रास्ता
हालांकि, eMudhra को अमेरिकी बाजार में कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। US सर्विसेज बिजनेस (US Services business) में AI और H1 वीजा से जुड़ी दिक्कतों के कारण कारोबार में ठहराव (Stagnation) और मार्जिन पर दबाव देखा जा रहा है। इन चुनौतियों के चलते, कंपनी अब US में प्रोडक्ट-लेड ग्रोथ (Product-led growth) पर ज़्यादा ज़ोर देने की रणनीति अपना रही है, ताकि मार्जिन को और बेहतर बनाया जा सके।
वन-ऑफ़ खर्चे और असली प्रॉफिटेबिलिटी
यह भी ध्यान देने योग्य है कि रिपोर्ट किए गए EBITDA मार्जिन पर कुछ वन-ऑफ़ खर्चों (One-off expenses) का असर रहा, जिनमें CRYPTAS एक्विजिशन से जुड़े लीगल खर्चे (Legal costs) और ग्रेच्युटी प्रोविजन्स (Gratuity provisions) शामिल थे। इन सब के बावजूद, कंपनी का एडजस्टेड EBITDA मार्जिन (Adjusted EBITDA margin) 25.8% रहा, जो इसकी मज़बूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस को दिखाता है।
पूरे साल का गाइडेंस
मैनेजमेंट ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के लिए ₹700 करोड़ के रेवेन्यू गाइडेंस (Revenue guidance) की पुष्टि की है।