मार्च तिमाही के नतीजों में भारत की टेक कंपनियों ने मिले-जुले संकेत दिए हैं, लेकिन एक बड़ा फ़र्क साफ है। Zomato की क्विक डिलीवरी सर्विस Blinkit जहां अपने मार्जिन को 10.7% तक ले गई है, वहीं Swiggy की Instamart सर्विस कई ऑर्डर्स के बावजूद ₹8.7 बिलियन का भारी घाटा झेल रही है।
क्यों आ रहा अंतर?
भारतीय नए-युग के टेक सेक्टर में मार्च तिमाही के नतीजों में यह बड़ा अंतर देखने को मिला। जहां एक तरफ, Zomato की क्विक डिलीवरी सर्विस Blinkit अपने प्रॉफिट मार्जिन को बढ़ाने में कामयाब रही है। वहीं, दूसरी ओर, Swiggy की Instamart सर्विस लगातार घाटे में चल रही है, जो कि कई ऑर्डर्स के बावजूद एक चिंता का विषय है। इसका मुख्य कारण है Fierce Competition (कड़ा मुकाबला) और क्विक कॉमर्स सेगमेंट में जारी भारी निवेश।
Zomato के Blinkit की दमदार परफॉरमेंस
विश्लेषकों को उम्मीद है कि Zomato चौथी तिमाही में अच्छा प्रदर्शन करेगी। इसके पीछे मुख्य वजह इसके फूड डिलीवरी सेगमेंट में लगातार बढ़त और क्विक डिलीवरी सर्विस Blinkit की आक्रामक ग्रोथ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Blinkit के ऑर्डर वैल्यू में साल-दर-साल (Y-o-Y) 99% की भारी बढ़ोतरी देखी जा सकती है, जबकि फूड डिलीवरी ऑर्डर वैल्यू में 17% का इजाफा हो सकता है। Kotak Institutional Equities का अनुमान है कि फूड डिलीवरी में प्रॉफिट मार्जिन लगभग 5.7% तक पहुंच सकता है, जो पिछले क्वार्टर से 0.3% अंक बेहतर है। यह बढ़ोतरी बढ़ी हुई प्लेटफॉर्म फीस और विज्ञापन आय से संभव हुई है। Blinkit का प्रति ऑर्डर प्रॉफिट मार्जिन 10.7% तक पहुंचने का अनुमान है। HDFC Securities ने Zomato को 'Buy' रेटिंग दी है, जो फूड डिलीवरी और क्विक डिलीवरी दोनों में मजबूत ग्रोथ ट्रेंड्स का हवाला देते हुए शेयर के लिए ₹340 का टारगेट प्राइस दिया है। Zomato का P/E रेश्यो 988.85 (HDFC Securities के अनुसार) है और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹223,551.5 Cr है।
Swiggy का Instamart अभी भी घाटे में
Swiggy से भी रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन Instamart ग्रोसरी डिलीवरी सर्विस में घाटा जारी रहने का अनुमान है। Kotak के अनुमान के अनुसार, Instamart के ऑर्डर वैल्यू में साल-दर-साल (Y-o-Y) 75% की मजबूत बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, क्विक डिलीवरी सेगमेंट में बड़ा घाटा देखने को मिलेगा, जो लगभग ₹8.7 बिलियन रहने का अनुमान है। यह घाटा Fierce Competition (कड़े मुकाबले) और जारी निवेश के कारण है। HDFC Securities ने बताया कि मार्जिन बचाने के लिए Swiggy और Zomato दोनों ने प्लेटफॉर्म फीस में 17-19% की बढ़ोतरी की है। Swiggy की फूड डिलीवरी कमीशन रेट Q1 FY25 में 25.4% थी, जो Zomato के 24.3% से ज्यादा है। पिछले साल मई 2023 में निवेशक Invesco ने Swiggy का वैल्यूएशन घटाकर $5.5 बिलियन कर दिया था।
मार्केट परफ़ॉर्मेंस और आगे का रास्ता
हालिया ट्रेडिंग में Zomato के शेयर ₹232.20 पर बंद हुए, जबकि Swiggy के शेयर ₹271.80 पर। एनालिस्ट्स दोनों कंपनियों के लिए लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की संभावनाओं को लेकर आशावादी हैं, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी का रास्ता अभी भी चुनौतियों से भरा है। Zomato के लिए मुख्य चिंता यह है कि Blinkit कितनी तेजी से प्रॉफिटेबल बनता है, और Swiggy को Instamart के भारी घाटे को कम करने की जरूरत होगी।