Zomato शेयर में तूफानी तेजी! Q4 में 346% बढ़ा मुनाफा, Blinkit का दम!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Zomato शेयर में तूफानी तेजी! Q4 में 346% बढ़ा मुनाफा, Blinkit का दम!
Overview

Zomato ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के चौथे क्वार्टर (Q4) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **346%** बढ़कर **₹174 करोड़** रहा। ये बड़ी उछाल Blinkit के जबरदस्त ग्रोथ और कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार की वजह से आई है।

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Q4 में Blinkit की ग्रोथ ने मचाया धमाल, पर सालाना नतीजों पर लगा झटका

Zomato के लिए FY26 का चौथा क्वार्टर काफी मजबूत रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 346% उछलकर ₹174 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, एडजस्टेड रेवेन्यू (Revenue) में 186% की जबरदस्त बढ़त देखने को मिली और यह ₹17,680 करोड़ हो गया। B2C सेगमेंट के लिए नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) में भी 54% का इजाफा हुआ और यह ₹26,880 करोड़ पर आ गई।

कंपनी के फाउंडर दीपिनंदर गोयल ने कहा कि Zomato अब तेज़ी से स्केल करने के दौर में है और अगले दो साल में एनुअल ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) को दोगुना कर $20 बिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

लेकिन, इन तिमाही नतीजों की चमक कंपनी के पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के प्रदर्शन पर भारी पड़ती दिख रही है। FY26 में रेवेन्यू 168.6% बढ़कर ₹17,292 करोड़ हुआ, लेकिन प्रॉफिट बिफोर टैक्स (Profit Before Tax) 11.8% गिर गया। इसका मुख्य कारण Blinkit के आक्रामक विस्तार के चलते आया भारी खर्च है, जिसने कंपनी के कुल सालाना मुनाफे को कम कर दिया।

Blinkit ने बढ़ाई रफ्तार, पर प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल

Blinkit, Zomato के ग्रोथ का बड़ा इंजन साबित हुआ है। Blinkit की नेट ऑर्डर वैल्यू में 95.4% की शानदार ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखी गई, और इसका एडजस्टेड EBITDA ₹4 करोड़ से बढ़कर ₹37 करोड़ हो गया। कंपनी ने 216 नए स्टोर जोड़े, जिससे कुल स्टोर्स की संख्या 2,243 हो गई।

FY25 की पहली तिमाही तक, Blinkit भारत के क्विक कॉमर्स सेक्टर में 46% मार्केट शेयर के साथ सबसे आगे था, और हर दिन करीब 15.7 लाख ऑर्डर डिलीवर कर रहा था। हालांकि, इस सेगमेंट में भारी कॉम्पिटिशन और पतले मार्जिन के चलते प्रॉफिट कमाना एक चुनौती बना हुआ है। Blinkit का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन सुधर रहा है और EBITDA लॉस कम हो रहा है, जो ब्रेक-ईवन की ओर इशारा करता है।

फूड डिलीवरी सेगमेंट में भी दिखी मजबूती

Zomato के मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस ने भी अच्छी रिकवरी दिखाई है। इसके नेट ऑर्डर वैल्यू में 18.8% की सालाना ग्रोथ दर्ज की गई। इस सेगमेंट से एडजस्टेड EBITDA ₹532 करोड़ रहा, जो 24% ज़्यादा है, और मार्जिन सुधरकर 5.5% हो गया।

सालाना मुनाफे और वैल्यूएशन पर चिंता

मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद, सालाना मुनाफे में गिरावट चिंता का विषय है। Zomato का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalisation) लगभग ₹2,46,663 करोड़ है, और इसका P/E रेश्यो 97.6 के आसपास है। इतनी हाई वैल्यूएशन भविष्य में तगड़ी ग्रोथ की उम्मीदें जगाती है, जिस पर सालाना मुनाफे में गिरावट के चलते सवाल उठ सकते हैं।

क्विक कॉमर्स मार्केट बेहद प्रतिस्पर्धी है, जहां Zepto और Swiggy Instamart जैसी कंपनियां आक्रामक प्राइसिंग और डिस्काउंट का सहारा ले रही हैं। Zomato पर ₹23.26 करोड़ के GST डिमांड का मामला भी चल रहा है।

एनालिस्ट्स की राय

एनालिस्ट्स आम तौर पर Zomato के भविष्य को लेकर पॉजिटिव हैं। Citi ने ₹320 से टारगेट बढ़ाकर ₹395 किया है, वहीं Investec ने ₹375 का टारगेट दिया है। मैनेजमेंट का लक्ष्य FY29 तक $1 बिलियन का एडजस्टेड EBITDA हासिल करना है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.