ज़ेप्टो की 2025 रिपोर्ट: ₹17,000 करोड़ की बचत का दावा और 48-सेकंड की डिलीवरी! लेकिन डिलीवरी पार्टनर्स ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की!

TECH
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ज़ेप्टो की 2025 रिपोर्ट: ₹17,000 करोड़ की बचत का दावा और 48-सेकंड की डिलीवरी! लेकिन डिलीवरी पार्टनर्स ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की!
Overview

क्विक कॉमर्स लीडर ज़ेप्टो की 2025 ट्रेंड्स रिपोर्ट में बताया गया है कि अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी पर उपभोक्ताओं की निर्भरता बढ़ रही है, जिसमें ₹17,000 करोड़ की उपयोगकर्ता बचत और 48 सेकंड तक की डिलीवरी का दावा किया गया है। हालांकि, यह रिपोर्ट डिलीवरी पार्टनर्स द्वारा 31 दिसंबर, 2025 को बेहतर वेतन और शर्तों की मांग को लेकर की गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल के साथ आई है, जो सेवाओं को बाधित कर सकती है।

डिलीवरी पार्टनर हड़ताल के बीच Zepto की 2025 रिपोर्ट उपभोक्ता बदलावों को उजागर करती है

क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto ने अपनी 2025 की वर्ष-अंत ट्रेंड्स रिपोर्ट जारी की है, जो भारतीय दैनिक जीवन में अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी सेवाओं के गहरे जुड़ाव की तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट में उपभोक्ताओं की महत्वपूर्ण बचत और रिकॉर्ड गति का दावा किया गया है, लेकिन यह उसके डिलीवरी पार्टनर्स द्वारा की जाने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल से जुड़ी हुई है।

रिकॉर्ड गति और बचत के दावे

Zepto ने बताया कि भारतीय उपभोक्ता अधिक बार खरीदारी कर रहे हैं, बड़े ऑर्डर दे रहे हैं, और आवश्यक वस्तुओं और तत्काल जरूरतों दोनों के लिए अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी पर अधिक निर्भर हो रहे हैं। कंपनी का अनुमान है कि उपयोगकर्ताओं ने 2025 में प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण और वस्तुओं तक त्वरित पहुंच के माध्यम से लगभग ₹17,000 करोड़ बचाए। हालांकि, इन बचत के आंकड़ों की गणना कैसे की गई, इसका विवरण नहीं दिया गया। प्लेटफॉर्म ने देखा कि उसका ऐप 34.6 बिलियन से अधिक बार खोला गया, और डिलीवरी पार्टनर्स ने सामूहिक रूप से 2.45 बिलियन किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की। Zepto पर 2025 में सबसे तेज़ दर्ज की गई डिलीवरी 48 सेकंड की थी।

अत्यधिक उपयोगकर्ता जुड़ाव

रिपोर्ट ने आउटलायर (असामान्य) ग्राहक व्यवहार पर भी प्रकाश डाला। मुंबई के एक उपयोगकर्ता ने ₹1.89 लाख का एक एकल ऑर्डर दिया। एक अन्य ग्राहक ने अत्यधिक निर्भरता दिखाई, पूरे वर्ष लगभग 5,900 डिलीवरी पूरी कीं, जिसका औसत प्रति दिन लगभग 16 ऑर्डर था। डिलीवरी पार्टनर्स को दिए गए टिप्स भी उल्लेखनीय ऊंचाइयों पर पहुंचे, गुरुग्राम के एक उपयोगकर्ता ने कई ऑर्डर पर ₹54,000 की टिप दी।

क्षेत्रीय उपभोक्ता प्राथमिकताएँ

शहर-स्तरीय डेटा ने विविध लेकिन मुख्य रूप से स्थिर आदतों का खुलासा किया। बेंगलुरु में दूध, टमाटर और पैक्ड स्नैक्स शीर्ष ऑर्डर रहे, साथ ही 69,000 टाइप-सी चार्जिंग केबलों की मांग भी रही। मुंबई के उपभोक्ताओं ने दूध, प्याज और बोतलबंद पानी को प्राथमिकता दी, और 7.8 लाख लीटर से अधिक एनर्जी ड्रिंक्स की उल्लेखनीय खपत देखी गई। दिल्ली एनसीआर में एक विभाजन देखा गया, जिसमें उत्तर दिल्ली ने अमरूद का ऑर्डर दिया और दक्षिण दिल्ली ने एवोकाडो को पसंद किया, जबकि 1.3 लाख से अधिक फेस मास्क लोकप्रिय रहे। हैदराबाद के ऑर्डर में दूध, स्नैक्स, कार्बोनेटेड पेय पदार्थ और पारंपरिक उस्मानिया बिस्कुट शामिल थे, जिनमें से 65,000 किलोग्राम ऑर्डर किए गए। रिपोर्ट में "विरोधाभासी" (contradictory) बास्केट में वृद्धि देखी गई, जिसमें स्वस्थ वस्तुओं को आकर्षक खाद्य पदार्थों के साथ मिलाया गया।

आसन्न डिलीवरी पार्टनर हड़ताल

परिचालन संबंधी चिंता की एक परत जोड़ते हुए, Zepto सहित प्रमुख प्लेटफॉर्म कंपनियों से जुड़े डिलीवरी कार्यकर्ताओं ने 31 दिसंबर, 2025 को एक राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। उनकी मांगें बेहतर वेतन, बढ़ी हुई नौकरी की सुरक्षा और सुरक्षित कामकाजी परिस्थितियों पर केंद्रित हैं। यह कार्रवाई Zepto की रिपोर्ट में उजागर की गई क्विक कॉमर्स सेवाओं को बाधित कर सकती है।

उद्योग संदर्भ और दृष्टिकोण

ये निष्कर्ष ऐसे समय में आए हैं जब क्विक कॉमर्स कंपनियाँ प्रमुख महानगरीय क्षेत्रों से परे अपनी पहुंच का विस्तार करने का प्रयास कर रही हैं, साथ ही बढ़ती प्रतिस्पर्धा और परिचालन लागतों से भी जूझ रही हैं। क्षेत्र की भविष्य की वृद्धि गति और दक्षता को निष्पक्ष श्रम प्रथाओं के साथ संतुलित करने पर निर्भर करती है।

प्रभाव

Zepto द्वारा रिपोर्ट किए गए उपभोक्ता रुझान भारत में क्विक कॉमर्स मॉडल की बढ़ती स्वीकार्यता और निर्भरता को रेखांकित करते हैं। हालांकि, नियोजित डिलीवरी पार्टनर हड़ताल सेवा निरंतरता के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम प्रस्तुत करती है, जो ग्राहक संतुष्टि और ऐसे प्लेटफार्मों की परिचालन व्यवहार्यता को संभावित रूप से प्रभावित कर सकती है। डिलीवरी पार्टनर्स की मांगें गिग इकोनॉमी में महत्वपूर्ण श्रम मुद्दों को उजागर करती हैं जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

कठिन शब्दों की व्याख्या

  • क्विक कॉमर्स (Quick Commerce): ई-कॉमर्स का एक मॉडल जो बहुत ही कम समय में, अक्सर 15-30 मिनट में, सामान, आमतौर पर किराना और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी पर केंद्रित है।
  • इंपल्स नीड्स (Impulse Needs): उन उत्पादों की इच्छाएं जो अचानक उत्पन्न होती हैं और तत्काल पूरी की जाती हैं, अक्सर व्यापक योजना के बिना।
  • पेनेट्रेशन (Penetration): किसी विशिष्ट बाजार या आबादी के भीतर किसी उत्पाद, सेवा या तकनीक की पहुंच या उपलब्धता का स्तर।
  • कम्पेन्डियम (Compendium): किसी विशेष विषय पर संक्षिप्त लेकिन व्यापक जानकारी का संग्रह।
Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.