वैल्यूएशन की चिंता हावी, शेयर 19% गिरा
Zaggle Prepaid Ocean Services के शेयर अपने मजबूत Q4FY26 नतीजों के बावजूद 19% से ज्यादा टूट गए। दरअसल, निवेशकों का ध्यान रेवेन्यू ग्रोथ से हटकर कंपनी के वैल्यूएशन और कैश फ्लो पर चला गया है।
नतीजे तो अच्छे, पर चिंताएं भी ढेर
मार्च 2026 तिमाही में Zaggle Prepaid Ocean Services ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का रेवेन्यू 50% बढ़कर ₹618 करोड़ हो गया, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 30.6% बढ़कर ₹41 करोड़ पर पहुंच गया। एडजस्टेड EBITDA में भी 62.4% की जोरदार उछाल देखी गई और यह ₹58.3 करोड़ रहा।
इसके बावजूद, शेयर में भारी बिकवाली हुई। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी का 230.59 का बेहद ऊंचा प्राइस-टू-कैश फ्लो रेशियो (Price-to-Cash Flow Ratio) और 7-10% का मामूली रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) है। इसके अलावा, कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेगेटिव (Negative) रहा, जो निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
ब्रोकरेज की राय बनाम बाजार की चिंता
हालांकि, JM Financial जैसे ब्रोकरेज हाउस ने ₹380 से ₹430 के टारगेट प्राइस के साथ 'Strong Buy' रेटिंग दी है, लेकिन MarketsMOJO जैसे एनालिस्ट्स का 'Hold' रेटिंग और वैल्यूएशन पर चिंताएं हावी रहीं।
भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां
कंपनी ने ₹75 करोड़ में Rivpe Technology (Rio Money) को एक्वायर करने और GIFT City में Zaggle Payments IFSC स्थापित करने जैसी विस्तार योजनाओं का ऐलान किया है। ये कदम फिनटेक सेक्टर के क्रेडिट पर फोकस करने की दिशा के अनुरूप हैं। कंपनी FY27 के लिए स्टैंडअलोन रेवेन्यू ग्रोथ 25-30% और कंसोलिडेटेड ग्रोथ 40% रहने का अनुमान लगा रही है।
हालांकि, $20-25 मिलियन के अधिग्रहण की योजनाएं, जिनमें एक अमेरिकी फर्म भी शामिल है, कंपनी पर वित्तीय बोझ बढ़ा सकती हैं और परिचालन जटिलताएं पैदा कर सकती हैं। निवेशकों को अब सिर्फ रेवेन्यू ग्रोथ नहीं, बल्कि कैश जनरेशन और कैपिटल एम्प्लॉयमेंट की क्वालिटी और सस्टेनेबिलिटी पर भी ध्यान देना होगा।
