रिकॉर्ड ₹15,000 करोड़ का बायबैक
कंपनी के बोर्ड ने अपने इतिहास के सबसे बड़े ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक प्रोग्राम को मंजूरी दे दी है। इस पहल के तहत, Wipro 60 करोड़ इक्विटी शेयर ₹250 प्रति शेयर के भाव पर वापस खरीदेगी। यह कंपनी की कुल इक्विटी का 5.7% होगा और इसके अगले फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (Q1 FY27) तक पूरा होने की उम्मीद है। यह कदम शेयरधारकों को पुरस्कृत करने की Wipro की रणनीति का हिस्सा है, जो कंपनी के सामने आ रही मुश्किल ऑपरेटिंग सिचुएशन से निपटने के लिए उठाया गया है। Wipro अपनी AI-First रणनीति पर जोर दे रही है, जिसका लक्ष्य नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर पारंपरिक सर्विसेज में धीमी ग्रोथ और ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता से निपटना है।
Q4 FY26 के नतीजे और आउटलुक
यह बायबैक घोषणा कंपनी के Q4 FY26 के वित्तीय नतीजों के साथ आई, जो मिले-जुले रहे। Wipro का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 1.9% घटकर ₹3,501.8 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू 7.7% बढ़कर ₹24,236.3 करोड़ हो गया, लेकिन यह स्ट्रीट की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। टोटल बुकिंग में 14% की गिरावट देखी गई, जबकि बड़े डील (TCV) 18.5% (कांस्टेंट करेंसी में) कम हुए।
आने वाली तिमाही (Q1 FY27) के लिए Wipro ने IT सर्विसेज रेवेन्यू का अनुमान $2.60 बिलियन से $2.65 बिलियन के बीच रखा है। यह अनुमान कांस्टेंट करेंसी में -2% से 0% तक की गिरावट का संकेत देता है, जो नियर-टर्म में चुनौतियों की ओर इशारा करता है। कंपनी ने FY27 के लिए कोई नई हायरिंग का लक्ष्य नहीं रखा है, जो आगे भी कुछ अस्थिरता का संकेत देता है।
वैल्यूएशन और विश्लेषकों की राय
वैल्यूएशन की बात करें तो, Wipro का पिछला बारह महीने का P/E रेश्यो लगभग 16.18x है, जो Infosys (~18.50x) और TCS (~17.01x) जैसे अपने मुख्य प्रतिस्पर्धियों से कम है। HCL Technologies का P/E लगभग 23.91x है। Wipro का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹2.2 लाख करोड़ है, जो TCS (~₹8.95 लाख करोड़) और Infosys (~₹5.18 लाख करोड़) से काफी कम है।
विश्लेषकों की राय मिली-जुली है, ज्यादातर 'होल्ड' रेटिंग दे रहे हैं। Morgan Stanley ने इसे 'अंडरवेट' रेट किया है, जबकि Nomura इसे एक 'कॉन्ट्रैरियन पिक' मान रहा है। कंसेंसस टारगेट प्राइस ₹270 से ₹300 के बीच है।
आगे की राह
हालांकि, 1.9% के प्रॉफिट में गिरावट और नए डील की संख्या में कमी यह दर्शाती है कि Wipro धीमी पड़ती डिमांड और बढ़ती प्रतिस्पर्धा से जूझ रही है। AI-Native रणनीति का तत्काल रेवेन्यू पर क्या असर होगा, यह देखना बाकी है।
भारतीय IT सेक्टर में रिकवरी के संकेत हैं, और AI को अपनाने से FY27 तक बड़े IT फर्म्स के रेवेन्यू में 4.5% तक की ग्रोथ का अनुमान है। एनालिस्ट्स का मानना है कि बायबैक से स्टॉक को शॉर्ट-टर्म में फायदा हो सकता है, लेकिन निवेशकों का विश्वास Wipro की AI रणनीति के सफल इम्प्लीमेंटेशन और नए डील्स को हासिल करने की क्षमता पर निर्भर करेगा।