शानदार मार्जिन ग्रोथ और मुनाफा
Wipro के तिमाही नतीजों ने एनालिस्ट्स की उम्मीदों को पार कर दिया है। पिछले क्वार्टर के मुकाबले नेट प्रॉफिट 12.9% बढ़कर ₹3,522 करोड़ रहा। साथ ही, रेवेन्यू भी 3% बढ़कर ₹24,236 करोड़ दर्ज किया गया। इस इंप्रूवमेंट में सबसे अहम भूमिका EBIT मार्जिन की रही, जो पिछले क्वार्टर के 14.8% से बढ़कर 17.3% हो गया। यह कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।
₹15,000 करोड़ का बायबैक, शेयरहोल्डर्स को मिलेगा फायदा
इन मजबूत नतीजों के साथ, Wipro ने शेयरधारकों को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक प्रोग्राम की घोषणा की है। इस कदम का मकसद शेयरधारकों को कैपिटल लौटाना और स्टॉक प्राइस को सपोर्ट देना है।
वैल्यूएशन और सेक्टर की तस्वीर
Wipro का P/E रेशियो लगभग 15.50-16.57 के आसपास है, जो इसके बड़े IT पीयर्स जैसे Tata Consultancy Services (TCS) और Infosys (जिनका P/E 17.00-19.41 है) से काफी आकर्षक लगता है। HCL Technologies का P/E रेशियो लगभग 21.70-24.07 है। ओवरऑल IT सेक्टर में ग्रोथ की अच्छी उम्मीदें हैं, और 2026 तक IT सर्विसेज पर खर्च बढ़कर $176.3 बिलियन होने का अनुमान है, खासकर क्लाउड और AI में निवेश के चलते।
AI का असर और ग्रोथ की चिंताएं
हालांकि, इस सेक्टर को कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। खासकर, जनरेटिव AI (Generative AI) के कारण ट्रेडिशनल IT सर्विसेज में 2-3% तक सालाना रेवेन्यू डिफ्लेशन का खतरा बना हुआ है। Wipro के पिछले पांच सालों के सेल्स ग्रोथ की बात करें तो यह सिर्फ 7.82% रही है, जो इसकी लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू एक्सपेंशन क्षमताओं पर सवाल खड़े करती है। कई एनालिस्ट्स की राय भी सावधानी वाली है, जिनमें 'Moderate Sell' रेटिंग्स और सीमित अपसाइड वाले प्राइस टारगेट्स शामिल हैं।
आगे की राह और गाइडेंस
कंपनी ने Q1 FY27 के लिए IT सर्विसेज रेवेन्यू का गाइडेंस -2.0% से 0% (कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म्स में) दिया है। यह संकेत देता है कि नियर-टर्म में ग्रोथ स्थिर रह सकती है। AI-फर्स्ट भविष्य के लिए Wipro निवेश तो कर रहा है, लेकिन AI डिस्टर्पशन का ट्रेडिशनल रेवेन्यू स्ट्रीम्स पर क्या असर होगा, यह एक बड़ा सवाल है। कंपनी के लिए एक्वीजीशन को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करना और डील विंस को सस्टेनेबल रेवेन्यू ग्रोथ में बदलना महत्वपूर्ण होगा।