बायबैक पर विचार, निवेशकों की निगाहें!
Wipro Ltd. 16 अप्रैल को अपने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों के साथ एक शेयर बायबैक (Share Buyback) पर भी विचार करने जा रहा है। यह लगभग तीन सालों में कंपनी का पहला बायबैक प्रोग्राम हो सकता है। यह कदम मैनेजमेंट (management) की ओर से शेयरधारकों (shareholders) को पूंजी लौटाने (returning capital) की मंशा को दर्शाता है, खासकर IT सेक्टर (IT Sector) की मौजूदा चुनौतियों के बीच।
IT सेक्टर में दबाव, Wipro की रणनीति
IT सेक्टर इस वक्त मार्जिन पर बढ़ते दबाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का सामना कर रहा है। ऐसे में Wipro का शेयर बायबैक पर विचार करना अहम है। 9 अप्रैल, 2026 को कंपनी का शेयर ₹203.18 के स्तर पर लगभग सपाट बंद हुआ था, जिसमें 5.5 मिलियन शेयर ट्रेड हुए। कंपनी का पीई रेश्यो (P/E ratio) करीब 32.5x है और मार्केट कैप ₹2.7 ट्रिलियन (लगभग $32.5 बिलियन USD) के आसपास है।
पिछला बायबैक और टारगेट प्राइस
Wipro ने पिछला बड़ा बायबैक जून 2023 में ₹12,000 करोड़ का किया था, उस समय शेयर की कीमत ₹445 प्रति शेयर थी। यह नया संभावित बायबैक, Infosys और Tata Consultancy Services जैसे साथियों से अलग रणनीति दिखाता है, जिन्होंने हाल ही में रणनीतिक अधिग्रहण (strategic acquisitions) और डिविडेंड (dividend) पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है।
विश्लेषकों का मिला-जुला रुख
विश्लेषकों (analysts) का Wipro के शेयर पर मिला-जुला रुख है, कई 'होल्ड' (Hold) या 'न्यूट्रल' (Neutral) रेटिंग दे रहे हैं। टारगेट प्राइस आमतौर पर ₹210 से ₹225 के बीच बताया जा रहा है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि कमजोर Q4 नतीजों की आशंका के बीच यह बायबैक शेयर की कीमत को सहारा देने की कोशिश हो सकती है।
आगे क्या?
निवेशक 16 अप्रैल की बोर्ड मीटिंग के बाद सामने आने वाले Q4 नतीजों, रेवेन्यू ग्रोथ, प्रॉफिट मार्जिन और अगले फाइनेंशियल ईयर के गाइडेंस पर बारीकी से नजर रखेंगे। बायबैक की डिटेल्स और मैनेजमेंट द्वारा इसकी रणनीति की व्याख्या, शेयर की अल्पकालिक चाल (short-term stock movement) तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।