Wipro Share Price: Hiring पर ब्रेक, **$375 Million** की बड़ी डील! क्या है कंपनी की नई स्ट्रेटेजी?

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AuthorAditya Rao | Whalesbook News Team

Overview

Wipro के निवेशकों के लिए **फाइनेंशियल ईयर** 2025-26 (FY26) का चौथा क्वार्टर (Q4) मिले-जुले संकेत लेकर आया। कंपनी की कोर IT सर्विसेज में कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर (Attrition) घटकर **13.8%** पर आ गई, जो पूरे साल में सबसे कम है। हालांकि, इसी बीच Wipro ने नई नियुक्तियों (Hiring) की रफ्तार काफी धीमी कर दी, जिसके चलते मार्च क्वार्टर में कंपनी ने सिर्फ **135** नए एम्प्लॉई जोड़े। इन सब के बीच, Wipro ने **$375 मिलियन** में **Mindsprint** को खरीदने का एक बड़ा ऐलान भी किया है।

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Wipro में बड़ा बदलाव: Attrition घटा, पर Hiring में आई कमी

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) के मार्च तिमाही (Q4) के नतीजों ने Wipro के लिए कुछ मिली-जुली तस्वीर पेश की है। कंपनी अपनी कोर IT सर्विसेज में कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर (Attrition) को काबू करने में सफल रही है, जो पिछले साल के मुकाबले घटकर 13.8% पर आ गई है। यह पिछले तिमाही के 15.1% के आंकड़े से भी काफी बेहतर है और पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए सकारात्मक संकेत है।

एट्रीशन में नरमी, पर हायरिंग पर लगा ब्रेक?

लेकिन, जहाँ एक ओर कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने का सिलसिला धीमा पड़ा है, वहीं दूसरी ओर Wipro ने नई नियुक्तियों (Hiring) की रफ्तार में भारी कमी कर दी है। मार्च तिमाही में कंपनी ने सिर्फ 135 नए लोगों को रोजगार दिया। इसके चलते पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी में कुल 8,810 नए कर्मचारी जुड़े, और साल के अंत तक कुल कर्मचारियों का आंकड़ा 242,156 तक पहुँच गया। यह हायरिंग पेस भारतीय IT सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियों की तुलना में काफी धीमी है।

कर्मचारी उपयोगिता (Utilization) में भी हल्की गिरावट

नियुक्तियों की यह धीमी रफ्तार कर्मचारी उपयोगिता (Utilization Rate) पर भी हल्की पड़ी है। मार्च तिमाही में, ट्रेनिंग ले रहे कर्मचारियों को छोड़कर, कंपनी की यूटिलाइजेशन रेट 83.5% रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में 84.6% थी। वहीं, डिजिटल ऑपरेशंस एंड प्लेटफॉर्म्स (DOP) सेगमेंट में एट्रीशन तिमाही आधार पर 9.7% दर्ज किया गया, जो इस सेगमेंट के पूरे साल के औसत 8.6% से अधिक है।

इंडस्ट्री से तुलना और ' $375 मिलियन' की बड़ी डील

Wipro का 13.8% एट्रीशन रेट इंडस्ट्री के दिग्गजों जैसे TCS (13.7%) और Infosys (14.1%) के लगभग बराबर है। हालांकि, नई हायरिंग में आई यह नरमी Infosys और HCLTech जैसी कंपनियों से Wipro को अलग दिखाती है, जो धीमी ही सही पर अधिक नियुक्तियां कर रही हैं। माना जा रहा है कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव के कारण एंट्री-लेवल जॉब्स कम हो रही हैं और स्पेशलाइज्ड टैलेंट की मांग बढ़ रही है।

इस बदलते परिदृश्य में Wipro अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी में एक बड़ा बदलाव (Pivot) ला रहा है। कंपनी ने $375 मिलियन में Mindsprint को खरीदने का बड़ा ऐलान किया है। इसके अलावा, कंपनी अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) की सेवाओं का भी विस्तार कर रही है, जो भविष्य में हाई-स्किल्ड हायरिंग का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेंगे।

एनालिस्ट की चिंताएं और भविष्य का आउटलुक

अच्छे एट्रीशन नंबरों के बावजूद, कई एनालिस्ट्स (Analysts) Wipro को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। DOP सेगमेंट में एट्रीशन का बढ़ना, हायरिंग में भारी कमी और घटती यूटिलाइजेशन रेट जैसी वजहें भविष्य की रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिट मार्जिन पर सवाल खड़े कर रही हैं। Morningstar ने AI के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए Wipro की 'economic moat' रेटिंग को 'none' में बदल दिया है, जबकि Morgan Stanley ने 'underweight' की रेटिंग दी है। इन चिंताओं के बीच, पिछले एक साल में Wipro के शेयर में 13.84% की गिरावट आई है, और कई एनालिस्ट्स कंपनी की निकट भविष्य की ग्रोथ क्षमता को लेकर कुछ संशय में हैं।

Wipro की अगली चाल यह होगी कि वह इन नए अधिग्रहणों को कितनी प्रभावी ढंग से अपने कारोबार में एकीकृत करता है और AI-संचालित भविष्य के लिए अपनी सेवाओं को कैसे तैयार करता है।

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