नतीजों पर एक नज़र
Wipro ने FY26 की चौथी तिमाही में ₹3,502 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले तिमाही की तुलना में 12.3% की बढ़त दिखाता है, लेकिन पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 1.9% की गिरावट दर्शाता है। कंपनी का कुल रेवेन्यू (Revenue) पिछली तिमाही की तुलना में 2.9% बढ़कर ₹24,240 करोड़ हो गया है।
IT Services की परफॉरमेंस और मार्जिन
हालांकि, कंपनी के मुख्य IT Services सेगमेंट का रेवेन्यू मात्र 0.6% बढ़ा है, जो कांस्टेंट करेंसी (Constant Currency) में पिछले क्वार्टर के बराबर और साल-दर-साल 0.2% कम है। इससे पता चलता है कि कोर सर्विसेज की मांग में नरमी है। IT Services के ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margins) भी थोड़े कम होकर 17.3% पर आ गए हैं।
शेयरधारकों के लिए बड़ी राहत: Buyback और डिविडेंड
निवेशकों को खुश करने के लिए, Wipro ने ₹15,000 करोड़ का एक बड़ा शेयर बायबैक (Share Buyback) का ऐलान किया है, जिसमें प्रति शेयर ₹250 का भाव रखा गया है। इसके अलावा, FY26 के लिए ₹11 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) भी घोषित किया गया है।
भविष्य की रणनीति और आउटलुक
कंपनी अपनी AI-First स्ट्रेटेजी (AI-First Strategy) पर जोर दे रही है और 'AI Native Business & Platforms' जैसे नए यूनिट्स पर फोकस कर रही है। हाल के नतीजों और भविष्य के अनुमानों को देखते हुए, Wipro का वैल्यूएशन (Valuation) कुछ बड़े IT कंपनियों जैसे HCL Technologies, Infosys और TCS से थोड़ा कम है।
आने वाली तिमाही (Q1FY27) के लिए कंपनी का आउटलुक (Outlook) थोड़ा सावधानी भरा है। Wipro को उम्मीद है कि IT Services रेवेन्यू अगली तिमाही में 2% तक घट सकता है या स्थिर रह सकता है। AI ऑटोमेशन के बढ़ते चलन से पारंपरिक IT सर्विसेज की जरूरतें कम हो सकती हैं, जो एक चुनौती पेश कर सकता है। हालांकि, कंपनी ने बड़े डील्स (Large Deal Bookings) में 65.1% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। CEO श्रीनि पल्लई (Srini Pallia) का कहना है कि कंपनी AI-संचालित ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित कर रही है।