Wipro Q4 Results: शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! आ रहा है बड़ा बायबैक, नतीजों पर टिकी नजर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Wipro Q4 Results: शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! आ रहा है बड़ा बायबैक, नतीजों पर टिकी नजर
Overview

Wipro कल, 16 अप्रैल को अपने Q4 FY26 के नतीजे पेश करने वाली है। एनालिस्ट्स (Analysts) को उम्मीद है कि कंपनी की रेवेन्यू (Revenue) में **1.1%** की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, जो लगभग **$2,666 मिलियन** (करीब **₹24,343 करोड़**) हो सकती है। हालांकि, कंपनी के EBIT मार्जिन (Margin) में **50 बेसिस पॉइंट (basis points)** की गिरावट आकर **17.1%** तक पहुंच सकते हैं।

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Wipro Ltd. कल, 16 अप्रैल 2026 को फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी करने के लिए तैयार है। ये नतीजे कंपनी के प्रदर्शन की मिली-जुली तस्वीर पेश कर सकते हैं। $1 बिलियन का Olam Group के साथ बड़ा डील और $375 मिलियन में Mindsprint Pte. Ltd. का अधिग्रहण जैसे सौदे कंपनी के बिजनेस डेवलपमेंट को तो दर्शाते हैं, लेकिन वहीं, 1% की अनुमानित ऑर्गेनिक रेवेन्यू गिरावट (organic revenue decline) जैसी चुनौतियाँ भी सामने हैं।

एनालिस्ट्स (Analysts) का अनुमान है कि Wipro का डॉलर रेवेन्यू (dollar revenue) पिछली तिमाही की तुलना में करीब 1.1% बढ़कर $2,666 मिलियन (यानी लगभग ₹24,343 करोड़) हो सकता है। अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट एंड टैक्सेस (EBIT) ₹4,158 करोड़ तक पहुंच सकता है। हालांकि, EBIT मार्जिन के 17.6% से घटकर 17.1% होने की आशंका है, जिसका मुख्य कारण ऑपरेशनल खर्च (operational costs) बढ़ने की उम्मीद है। कांस्टेंट करेंसी (constant currency) में रेवेन्यू ग्रोथ धीमी रहने का अनुमान है, जो 0.4-0.5% के आसपास रह सकती है। वहीं, Harman DTS जैसे अधिग्रहण से लगभग 1.5-2% का योगदान मिलने की उम्मीद है। यह कुल ग्रोथ फिगर, ऑर्गेनिक रेवेन्यू में 1% की संभावित गिरावट को छिपा रहा है।

प्रॉफिट मार्जिन में 50 बेसिस पॉइंट (basis points) की कमी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें हालिया वेतन वृद्धि (wage increases), अधिग्रहण से जुड़े खर्चे (costs from acquisitions), और नए बड़े सौदों (new large deals) के शुरुआती खर्चे शामिल हैं। हालांकि, कमजोर रुपये (weaker rupee) से 50-60 बेसिस पॉइंट का मामूली फायदा हो सकता है, लेकिन यह बढ़ते खर्चों को पूरी तरह से पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। ऐसे में, रिपोर्ट किया गया रेवेन्यू ग्रोथ मुख्य रूप से अधिग्रहणों पर निर्भर दिख रहा है, जो यह संकेत दे सकता है कि Wipro अपने मुख्य व्यवसाय में धीमी गति को पूरा करने के लिए विस्तार का सहारा ले रही है।

निवेशकों (investors) के लिए एक अहम डेवलपमेंट यह है कि बोर्ड शेयर बायबैक (share buyback) प्रोग्राम को मंजूरी दे सकता है। इस प्रोग्राम का अनुमानित मूल्य ₹16,000-18,000 करोड़ के बीच हो सकता है। यह मैनेजमेंट के Wipro के भविष्य पर भरोसे का संकेत हो सकता है या शेयरधारकों के मूल्य (shareholder value) को सहारा देने का एक तरीका।

Wipro का पिछले बारह महीनों (TTM) का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो (ratio) लगभग 14.96 से 16.71 के बीच है। यह वैल्यूएशन (valuation) भारतीय आईटी इंडस्ट्री (Indian IT industry) के औसत P/E 22.2 की तुलना में आकर्षक लग रहा है। Infosys जैसी कंपनियाँ करीब 18.4 के उच्च P/E पर ट्रेड कर रही हैं, जबकि Cognizant का P/E लगभग 12.7 है। Wipro का मार्केट वैल्यू (market value) करीब ₹2.15 ट्रिलियन ($22.72 बिलियन) है, जो इसे टेक्नोलॉजी सर्विसेज (technology services) में एक बड़ा प्लेयर बनाता है।

एनालिस्ट्स (Analysts) की राय बंटी हुई है। CLSA जैसी फर्मों का कहना है कि CEO Srini Palia के नेतृत्व में बड़े सौदों (large deals) की गति बेहतर हुई है, लेकिन लगातार रेवेन्यू ग्रोथ (revenue growth) और मार्केट शेयर (market share) बढ़ाना मुश्किल रहा है। एनालिस्ट्स सर्वे के मुताबिक, Wipro की Q1 FY27 के लिए कांस्टेंट करेंसी ग्रोथ (constant currency growth) -2.0% से +1.0% के बीच रहने की उम्मीद है। व्यापक भारतीय आईटी सेक्टर (Indian IT sector) ग्लोबल टेंशन (global tensions) और AI के प्रभाव के कारण एक मुश्किल Q4 FY26 का सामना कर रहा है, जिससे ज्यादातर बड़ी आईटी कंपनियों के लिए ग्रोथ अनुमान कम हो गए हैं। हालांकि, छोटी, टियर-2 कंपनियाँ (Tier-2 companies) अधिक लचीलापन और बेहतर प्रदर्शन दिखा रही हैं।

निवेशकों (investors) में सावधानी बढ़ सकती है क्योंकि Wipro के शेयर की कीमतों में अक्सर Q4 अर्निंग्स रिपोर्ट (Q4 earnings reports) के बाद गिरावट देखी गई है। उदाहरण के लिए, मार्च 2026 में Q4 FY25 के नतीजों के बाद, Wipro का स्टॉक 6% गिर गया था, जिसका कारण कमजोर फ्यूचर गाइडेंस (weak future guidance) और सेक्टर की चुनौतियां बताई गई थीं। इसी तरह, अप्रैल 2025 में Q4 FY25 के नतीजों के बाद रेवेन्यू ग्रोथ धीमी होने और आईटी सर्विसेज सेगमेंट (IT services segment) में गिरावट के कारण 6% से अधिक की गिरावट आई थी। MarketBeat और अन्य फर्मों के एनालिस्ट्स (Analysts) ने Wipro की प्रतिस्पर्धी स्थिति (competitive standing) और स्थिर ग्रोथ हासिल करने की क्षमता के बारे में चिंताओं का हवाला देते हुए 'Reduce' या 'Underperform' जैसी रेटिंग दी हैं। जबकि HCL Tech और Infosys जैसे साथियों में रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं, Wipro पिछड़ती हुई नजर आ रही है।

Q4 FY26 के नतीजों में सबसे महत्वपूर्ण संकेत Wipro द्वारा वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए दिया जाने वाला फोरकास्ट (forecast) होगा। एनालिस्ट्स (Analysts) को उम्मीद है कि यह गाइडेंस (guidance) कांस्टेंट करेंसी (constant currency) में -1.0% से +1.0% के बीच रहेगी, जो अनिश्चित अर्थव्यवस्था (uncertain economy) और ग्राहकों द्वारा खर्च करने में संभावित झिझक को दर्शाती है। कंपनी की AI360 रणनीति (AI360 strategy) और ग्राहक एडॉप्शन (customer adoption) भी बारीकी से देखे जाएंगे।

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