बायबैक का ऐलान, पर ग्रोथ पर सुस्ती का साया
कंपनी के नतीजे मिले-जुले रहे। Wipro ने 16 अप्रैल 2026 को ₹3,502 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले थोड़ा कम है। लेकिन, सबसे बड़ी खबर शेयर बायबैक को लेकर रही। कंपनी ने अब तक का सबसे बड़ा ₹15,000 करोड़ का बायबैक प्रोग्राम मंजूर किया है। यह ₹250 के शेयर प्राइस पर 19% प्रीमियम पर पेश किया गया है। यह प्रोग्राम Q1 FY27 तक पूरा हो जाएगा और इसमें कंपनी अपनी पेड-अप कैपिटल का 5.7% तक वापस खरीदेगी। इसके बावजूद, Wipro की IT Services रेवेन्यू में तिमाही आधार पर सिर्फ 0.2% की बढ़ोतरी हुई और साल-दर-साल यह 0.2% गिर गई।
दूसरे खिलाड़ियों से पिछड़ता Wipro
जानकारों के मुताबिक, Wipro की ग्रोथ में सुस्ती दिख रही है, खासकर दूसरे बड़े भारतीय IT दिग्गजों के मुकाबले। Wipro ने Q1 FY27 के लिए IT Services रेवेन्यू में -2% से 0% की ग्रोथ का अनुमान दिया है। इसकी तुलना में, TCS ने Q4 FY26 में 25.3% का ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margin) हासिल किया, भले ही पूरे साल का रेवेन्यू थोड़ा गिरा हो। HCL Technologies भी सेक्टर के दबाव में है, लेकिन इसकी Q4 FY26 रेवेन्यू में साल-दर-साल करीब 6.13% की ग्रोथ की उम्मीद थी। Wipro के अपने Q4 ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 17.3% रहे, जो TCS और HCLTech से कम हैं। अभी पूरा IT सेक्टर ही क्लाइंट्स के खर्च में कमी, बड़े डील मिलने में देरी और AI के बढ़ते प्रभाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
मार्जिन पर दबाव और क्षेत्रीय कमजोरी
बायबैक के बावजूद, कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। Q1 FY27 के लिए -2% से 0% की रेवेन्यू गाइडेंस (Guidance) मौजूदा दिक्कतों को साफ दिखाती है। खासकर अमेरिका 2 (Americas 2) रीजन में एक बड़े क्लाइंट के साथ समस्या के चलते वहां Q4 में रेवेन्यू में 2.6% की तिमाही गिरावट आई। मैनेजमेंट ने बताया कि बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू होने में देरी और क्लाइंट-स्पेसिफिक (Client-specific) दिक्कतें मुख्य बाधाएं हैं। इसके अलावा, मार्जिन पर भी दबाव है। बढ़ते वेतन, Harman DTS जैसी कंपनियों के इंटीग्रेशन (Integration) का खर्चा और सब-कॉन्ट्रैक्टिंग (Sub-contracting) के बढ़ते खर्चों ने मुनाफे को प्रभावित किया है। करेंसी में उतार-चढ़ाव से कुछ राहत मिली, लेकिन यह कम मुनाफे वाले भविष्य का संकेत दे रहा है। यह चिंता की बात है कि कंपनी ग्रोथ के लिए अधिग्रहणों (Acquisitions) पर ज्यादा निर्भर हो रही है, जबकि उसके मुख्य बिजनेस की रफ्तार धीमी पड़ती दिख रही है। एनालिस्ट्स (Analysts) भी इस पर सतर्क हैं और ज्यादातर ने इसे 'होल्ड' (Hold) या 'सेल' (Sell) की रेटिंग दी है, उनके टारगेट प्राइस (Target Price) में ज्यादा उछाल की उम्मीद कम दिखती है।
भविष्य की राह: सतर्क आउटलुक
Wipro का आने वाला समय थोड़ा मुश्किल नजर आ रहा है। कंपनी ने 30 जून 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए IT Services रेवेन्यू $2,597 मिलियन और $2,651 मिलियन के बीच रहने का अनुमान लगाया है, जो कि स्थिर मुद्रा (Constant Currency) में -2.0% से 0% की तिमाही ग्रोथ दर्शाता है। यह आउटलुक IT सेक्टर की आम सावधानी को दर्शाता है। हालांकि Wipro AI रणनीतियों में निवेश कर रहा है, लेकिन नियर-टर्म (Near-term) वित्तीय प्रदर्शन बताता है कि रेवेन्यू में बड़ी रिकवरी आने में समय लगेगा। यह रिकवरी क्लाइंट्स की समस्याओं को हल करने और डील एग्जीक्यूशन (Deal Execution) को बेहतर बनाने पर निर्भर करेगी। एनालिस्ट्स के प्राइस टारगेट ₹203 से ₹246 तक हैं, लेकिन आम सहमति (Consensus) वाली रेटिंग ज्यादातर 'होल्ड' या 'सेल' है, जो निवेशकों के शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म ग्रोथ पर संदेह को दिखाता है।