अलग-अलग राहें: बायबैक बनाम डिविडेंड
Q4 FY26 के नतीजों के बीच Wipro और HCL Technologies ने निवेशकों को रिटर्न देने के लिए दो बिल्कुल अलग रणनीतियाँ अपनाई हैं, जो FY27 में उनके प्रदर्शन की दिशा तय करेंगी। Wipro, जो नियर-टर्म रेवेन्यू (Revenue) के कमजोर रहने की उम्मीद कर रहा है, उसने वैल्यू को सहारा देने के लिए एक बड़ा शेयर बायबैक करने का फैसला किया है। वहीं HCLTech ने सीधे डिविडेंड (Dividend) का रास्ता चुना है और ग्रोथ का अनुमान भी थोड़ा साफ रखा है। दोनों कंपनियां इस समय आर्थिक अनिश्चितता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव जैसी मुश्किलों का सामना कर रही हैं।
Wipro का ₹15,000 करोड़ का बायबैक
Wipro ने ₹15,000 करोड़ का शेयर बायबैक प्रोग्राम घोषित किया है, जिसके तहत कंपनी 60 मिलियन शेयर ₹250 प्रति शेयर की दर से वापस खरीदेगी। यह बड़ा कदम तब उठाया गया है जब कंपनी को उम्मीद है कि Q1 FY27 में कॉन्स्टेंट करेंसी (Constant Currency) में रेवेन्यू 0% से 2% तक गिर सकता है। Q4 FY26 में कंपनी के प्रॉफिट (Profit) में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद, इस अनुमान ने निवेशकों की उत्साह कम कर दिया है। पिछले छह महीनों में Wipro के शेयर में करीब 16% और 2026 में अब तक 24% की गिरावट आई है।
HCLTech का डिविडेंड और FY27 का अनुमान
वहीं, HCL Technologies ने FY27 के लिए ₹24 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है, जिसका रिकॉर्ड डेट 25 अप्रैल, 2026 है। इसके साथ ही, कंपनी ने FY27 के लिए 1-4% कॉन्स्टेंट करेंसी में रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगाया है। इसमें सर्विसेज ग्रोथ 1.5% से 4.5% रहने की उम्मीद है, और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% के बीच स्थिर रहने का अनुमान है। Q4 FY26 के लिए कंपनी ने 12.35% ईयर-ऑन-ईयर (Year-on-Year) रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन EBIT मार्जिन पिछले क्वार्टर के 19.4% से घटकर 17.7% रह गया। HCLTech के शेयर में भी करीब 7% की गिरावट पिछले एक महीने में और 22% की गिरावट 2026 में अब तक देखने को मिली है।
सेक्टर की चुनौतियां और एनालिस्ट्स की चिंताएं
इंडियन IT सेक्टर FY27 में 4-5% के आसपास की रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, कई बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक जोखिम और क्लाइंट्स द्वारा डिस्क्रिशनरी प्रोजेक्ट्स पर खर्च में कमी इस सेक्टर के भविष्य पर सवाल खड़े कर रही है। इन सबके बीच 'AI डिफ्लेशन' (AI Deflation) का एक नया ट्रेंड सामने आ रहा है, जहाँ AI से प्रोडक्टिविटी बढ़ने से पारंपरिक IT सर्विसेज की डिमांड और प्राइसिंग पावर कम हो सकती है, जिससे कुछ क्षेत्रों में मानव संसाधनों की जरूरत घट सकती है।
वैल्यूएशन और डील की स्थिति
Wipro का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) अभी 14.5-16.19 के आसपास है, जो इसे अपने साथियों की तुलना में सस्ता दिखाता है। HCL Technologies का P/E रेश्यो 19.1-22.1 के बीच है। तुलना के लिए, सितंबर 2023 तक TCS और Infosys का P/E रेश्यो क्रमशः लगभग 30.3 और 24.94 था। HCLTech का FY26 का टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू $9.32 बिलियन रहा, जो कि पिछले साल की तुलना में मामूली बढ़ोतरी है, हालांकि Q4 में डील की जीत (Deal Wins) में पिछले साल के मुकाबले बड़ी गिरावट आई। Wipro की Q4 FY26 बुकिंग पिछली तिमाही से बेहतर थी, लेकिन ईयर-ऑन-ईयर 12.64% गिर गई, खासकर बड़ी डील्स में।
आउटलुक और एनालिस्ट्स की राय
Wipro और HCL Technologies दोनों के लिए आगे का रास्ता काफी अनिश्चित है, खासकर IT सेक्टर की व्यापक चुनौतियों को देखते हुए। Wipro का Q1 FY27 रेवेन्यू घटने का अनुमान, 18.3% ईयर-ऑन-ईयर बड़ी डील बुकिंग में गिरावट और सिकुड़ती ऑर्डर बुक, बिजनेस की कमजोर गति का संकेत दे रही है। Goldman Sachs ने रेवेन्यू में लगातार गिरावट और FY27 में लगातार चौथे साल घटने के अनुमान के चलते 'Sell' रेटिंग बरकरार रखी है। Morgan Stanley की भी 'Underweight' रेटिंग है, जो प्रतिस्पर्धियों की तुलना में रेवेन्यू में गिरावट और कमजोर FY27 गाइडेंस पर आधारित है। HCLTech के लिए 1-4% ग्रोथ का अनुमान अधिक स्थिर लगता है, लेकिन AI से मार्जिन पर दबाव और कीमतों में संभावित कमी की चिंताएं बनी हुई हैं। Jefferies ने कमजोर ग्रोथ आउटलुक और AI के डिफ्लेशनरी असर के चलते HCLTech को 'Underperform' कर दिया है। Elara Securities ने भी रेवेन्यू में गिरावट और FY27-28 के लिए मामूली ग्रोथ प्रोजेक्शन के चलते 'Sell' रेटिंग दी है।
एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। कुछ Wipro के आकर्षक वैल्यूएशन और बायबैक को सहारा मान रहे हैं, जबकि अन्य लगातार अंडरपरफॉर्मेंस पर ध्यान दे रहे हैं। कई ब्रोकरेज हाउस HCLTech को 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जो इंजीनियरिंग स्ट्रेंथ और AI निवेश पर दांव लगा रहे हैं। हालांकि, आम सहमति FY27 को लेकर सावधानी बरतने की है। Nomura बड़ी IT कंपनियों के लिए 4.50% और HSBC India सेक्टर के लिए 4-5% ग्रोथ का अनुमान लगा रहे हैं। AI से मिलने वाली एफिशिएंसी (Efficiency) का पूरा असर और डील्स का सफल क्लोजर इस साल प्रदर्शन तय करने में अहम होंगे।
