Wipro की AI रणनीति: 'सर्विसेज ऐज़ सॉफ्टवेयर' को मिलेगी रफ्तार
Wipro लिमिटेड ने अपनी स्ट्रेटेजी में बड़ा बदलाव करते हुए Nagendra Bandaru को नई AI-नेटिव बिजनेस और प्लेटफॉर्म्स यूनिट का CEO बनाया है। यह घोषणा कंपनी के AI-संचालित ग्रोथ पर बढ़ते फोकस को दर्शाती है। इसके तहत, Wipro मौजूदा AI प्लेटफॉर्म्स जैसे NetOxygen, CROAMIS और HPS हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म्स को एक साथ लाएगा। नई यूनिट एंटरप्राइज AI सॉल्यूशंस के डेवलपमेंट और डिप्लॉयमेंट को तेज करेगी, जिससे क्लाइंट्स को बेहतर AI-बेस्ड आउटकम्स मिल सकें। इस स्ट्रेटेजिक मूव के बाद NSE पर Wipro के शेयर 1.89% चढ़कर ₹191.18 पर बंद हुए।
Bandaru, जो लगभग तीन दशक से Wipro से जुड़े हैं, इस यूनिट के जरिए AI क्षमताओं को इंटीग्रेट और स्केल करने का काम देखेंगे, ताकि रियल क्लाइंट वैल्यू डिलीवर की जा सके। यह इंडस्ट्री के उस ट्रेंड को भी दिखाता है जहां IT सर्विस कंपनियां प्लेटफॉर्म-आधारित, आउटकम-केंद्रित सॉल्यूशंस की ओर बढ़ रही हैं।
नेतृत्व में बदलाव और कॉम्पिटिशन
AI यूनिट के लॉन्च के साथ ही, Wipro ने अपनी कोर टेक्नोलॉजी सर्विसेज के नेतृत्व में भी बदलाव किए हैं। Kanwar Singh, जिन्होंने 30 से अधिक वर्षों का अनुभव (जिनमें 19 साल Accenture में बड़े टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन पर काम करना शामिल है) हासिल किया है, उन्हें टेक्नोलॉजी सर्विसेज ग्लोबल बिजनेस लाइन्स का नया प्रेसिडेंट और मैनेजिंग पार्टनर बनाया गया है।
हालांकि, Suzanne Dann 3 मई, 2026 को अमेरिका-2 स्ट्रेटेजिक मार्केट यूनिट के CEO पद से हट रही हैं। यह कंपनी के बड़े रीस्ट्रक्चरिंग का हिस्सा माना जा रहा है।
Wipro का मार्केट कैप लगभग $20.80 बिलियन है, जबकि इसका P/E रेश्यो 14.09 है। यह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के 17.80x, इंफोसिस के 18.12x और HCL टेक्नोलॉजीज के 22.10x जैसे प्रतिद्वंद्वियों से काफी कम है। इंफोसिस जैसी कंपनियां 2030 तक $300-400 बिलियन के AI मार्केट को टारगेट कर रही हैं, वहीं TCS ने NVIDIA के साथ पार्टनरशिप की है। Wipro अपनी AI क्षमताओं को मजबूत करके इस दौड़ में बने रहने की कोशिश कर रहा है।
निवेशकों की चिंता और एग्जीक्यूशन रिस्क
इन स्ट्रेटेजिक मूव्स के बावजूद, Wipro को निवेशकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। कई एनालिस्ट्स ने स्टॉक के लिए 'Reduce' या 'Sell' रेटिंग दी है, जो फ्यूचर परफॉरमेंस को लेकर चिंताएं जाहिर करती है। हालांकि कुछ टारगेट प्राइस में उछाल का संकेत दे रहे हैं, पर ओवरऑल सेंटीमेंट सतर्क है।
AI सॉल्यूशंस को इंटीग्रेट करना और उन्हें इकोनॉमिक अनिश्चितता व कड़े कॉम्पिटिशन के बीच स्केल करना एक बड़ी चुनौती है। Suzanne Dann का जाना भी अंदरूनी मुद्दों की ओर इशारा कर सकता है।
मार्केट आउटलुक और Wipro का भविष्य
IT सर्विस सेक्टर 2026 में ग्रोथ के लिए तैयार है, जिसमें AI, क्लाउड और साइबर सिक्योरिटी से ग्लोबल IT खर्च $6.15 ट्रिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। AI-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर, सॉफ्टवेयर और सर्विसेज की मांग मजबूत बनी हुई है। Wipro का AI पर फोकस बाजार की इसी मांग से मेल खाता है। कंपनी की AI यूनिट की सफलता ही उसके भविष्य के प्रदर्शन और निवेशकों का भरोसा जीतने की कुंजी होगी।