Wipro AI पर बड़ा दांव, पर बाजार को क्यों है शक? शेयर लुढ़कने पर जारी चिंता!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Wipro AI पर बड़ा दांव, पर बाजार को क्यों है शक? शेयर लुढ़कने पर जारी चिंता!
Overview

IT दिग्गज Wipro ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर एक बड़ा दांव खेला है, इसे नौकरियों के लिए बड़ा अवसर और 'autonomous enterprises' का जरिया बता रही है। लेकिन बाजार की शंकाएं कम नहीं हो रही हैं और कंपनी के शेयर की चाल धीमी बनी हुई है।

AI: Wipro के लिए सबसे बड़ा मौका या डूबता जहाज?

Wipro के Chief Strategist Hari Shetty का मानना है कि AI (Artificial Intelligence) IT सेक्टर के लिए बिजली या इंटरनेट की तरह सबसे बड़ा अवसर है। उनका कहना है कि AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि बढ़ाएगा। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के अनुमानों के मुताबिक, AI से दुनियाभर में 170 मिलियन नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं, जबकि 92 मिलियन प्रभावित होंगी। Wipro इस AI क्रांति को 'autonomous enterprises' बनाने का जरिया मान रही है।

बाजार का संदेह और प्रदर्शन

लेकिन बाजार Wipro के इस बड़े दांव को लेकर आशंकित दिख रहा है। कंपनी के शेयर अपने 52-week के निचले स्तरों के करीब कारोबार कर रहे हैं। पिछली तिमाही (Q3FY26) में कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन 17.6% रहे, लेकिन इसकाtrailing twelve-month (TTM) Price-to-Earnings (P/E) ratio 15.6x से 18.8x के बीच है, जो कई Competitors की तुलना में कम है। यह वैल्यूएशन बताता है कि निवेशक कंपनी की धीमी ग्रोथ और AI को भुनाने की चुनौतियों को लेकर चिंतित हैं।

Competitors की बढ़त और Wipro की धीमी चाल

IT सेक्टर में AI का दबदबा बढ़ रहा है। Infosys जैसी कंपनियां AI पार्टनरशिप के दम पर शानदार तेजी दिखा रही हैं। Infosys का P/E ratio करीब 30x है और मार्केट कैप लगभग ₹5.48 लाख करोड़ है। वहीं, Tata Consultancy Services (TCS) का P/E 22.5x और मार्केट कैप करीब ₹9.72 लाख करोड़ है। HCL Technologies का P/E भी करीब 25x है। इन सब की तुलना में Wipro का P/E काफी कम है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बाजार उसे डिस्काउंट दे रहा है। Analysts का कहना है कि Wipro की डील कन्वर्ट होने की रफ्तार धीमी है और ग्रोथ का अनुमान भी Competitors से कम है।

Analyst की राय और चिंताएं

कई बड़े ब्रोकरेज हाउसेज Wipro को लेकर सतर्क हैं। Morgan Stanley ने 'underweight' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस घटाकर ₹242 कर दिया है। उनका मानना है कि डील कन्वर्ट होने में देरी और ग्रोथ का अनुमान कम होने से कंपनी को नुकसान हो सकता है। Jefferies ने 'underperform' रेटिंग देते हुए कंपनी की डील्स बुकिंग में नरमी और अधिग्रहण से मार्जिन पर दबाव की ओर इशारा किया है।

आने वाले समय में क्या?

Wipro ने Q4 FY26 के लिए 0% से 2% की रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान दिया है, जो उम्मीद से कम है। हालांकि, लंबी अवधि में AI का बाजार 2027 तक $443 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, जिससे IT सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलेगा। Wipro अपनी AI प्लेटफॉर्म 'Wipro Intelligence' और 'Vega' में निवेश कर रही है और Anthropic के साथ पार्टनरशिप पर भी बात कर रही है। Analyst की राय बंटी हुई है, कुछ इसे Hold पर रख रहे हैं तो कुछ ग्रोथ की चिंताओं के कारण Sell की सलाह दे रहे हैं।

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