Winzo के विदेशी खाते फ्रीज! ED का बड़ा एक्शन, गेमिंग में जालसाजी का गंभीर आरोप

TECH
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Winzo के विदेशी खाते फ्रीज! ED का बड़ा एक्शन, गेमिंग में जालसाजी का गंभीर आरोप
Overview

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Winzo की विदेशी कंपनियों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। ये खाते अमेरिका और सिंगापुर में हैं, जिनमें करीब **₹505 करोड़** की राशि है। ED का आरोप है कि Winzo रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म यूजर्स के साथ AI-संचालित बॉट्स और पैसे निकालने में सीमाएं लगाकर धोखाधड़ी कर रहा है।

ED का सख्त एक्शन, Winzo के विदेशी खाते फ्रीज

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Winzo की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ED ने कंपनी की विदेशी एंटिटीज, Winzo US Inc. और Winzo SG Pte. Ltd. के अमेरिका और सिंगापुर स्थित बैंक खातों को प्रोविजनली अटैच (फ्रीज) कर दिया है। इन खातों में $55.69 मिलियन, यानी लगभग ₹505 करोड़ की राशि जमा है। एजेंसी का दावा है कि ये खाते कंपनी के फाउंडर्स Paavan Nanda और Saumya Singh Rathore के कंट्रोल में हैं। यह कार्रवाई नवंबर और दिसंबर 2025 में हुई ED की सर्च और सीजर ऑपरेशंस के बाद और जनवरी 2026 में फाइल की गई प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट के बाद हुई है।

AI बॉट्स और पैसे निकालने में धांधली का आरोप

ED के आरोपों के अनुसार, Winzo कथित तौर पर "आपराधिक गतिविधियों और बेईमान प्रथाओं" में शामिल रहा है। जांचकर्ताओं का कहना है कि ग्राहकों को पता ही नहीं चलता था कि वे असली पैसे वाले गेम (Real Money Games) इंसानों के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा संचालित बॉट्स, एल्गोरिदम या सॉफ्टवेयर के खिलाफ खेल रहे थे। कंपनी इन AI सिस्टम को 'PPP,' 'EP,' या 'Persona' जैसे नामों से बुलाती थी। इसके अलावा, यह भी आरोप है कि Winzo ने यूजर्स के वॉलेट से पैसे निकालने की प्रक्रिया को जानबूझकर कठिन बनाया या उसमें रुकावट डाली, जिससे वे और ज्यादा पैसे जमा करने और खेलने के लिए मजबूर हों।

ED का दावा है कि इस तरीके से कंपनी ने यूजर्स के डिपॉजिट्स को 'रेक कमीशन' के रूप में बदलकर अपनी कमाई में तब्दील किया। यह सब अक्सर यूजर्स को बोनस और आसान जीत का लालच देने के बाद किया जाता था। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से मिले सबूतों के अनुसार, कंपनी दिसंबर 2023 तक गेम्स में बॉट्स का इस्तेमाल करती थी, और बाद में निष्क्रिय यूजर्स के ऐतिहासिक गेमप्ले डेटा को असली खिलाड़ियों के खिलाफ बिना किसी खुलासे के सिमुलेट (नकली खेल दिखाना) करती थी।

कुल ₹3,522.05 करोड़ की धोखाधड़ी का अनुमान

ED के मुताबिक, Winzo ने फाइनेंशियल ईयर 2021-22 से 22 अगस्त 2025 के बीच कुल ₹3,522.05 करोड़ की धोखाधड़ी से कमाई की है। एजेंसी का अनुमान है कि इस कथित प्रैक्टिस के कारण यूजर्स को लगभग ₹734 करोड़ का नुकसान हुआ, वहीं ₹47.66 करोड़ की वैध जीत की राशि भी रोकी गई। कथित तौर पर इन पैसों का एक हिस्सा, करीब $55 मिलियन, भारत से बाहर अमेरिका और सिंगापुर भेजा गया, जबकि कंपनी का रोजाना का कामकाज और वित्तीय नियंत्रण भारत में ही बना रहा। इस नवीनतम अटैचमेंट के बाद, इस मामले में कुल अटैच या फ्रीज की गई राशि अब लगभग ₹1,194 करोड़ हो गई है, जिसमें पहले से फ्रीज किए गए ₹689 करोड़ भी शामिल हैं।

सख्त हो रहे हैं ऑनलाइन गेमिंग के नियम

यह कार्रवाई भारत में ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए कड़े होते नियमों के बीच आई है। फरवरी 2026 में लागू हुए ऑनलाइन गेमिंग के प्रमोशन और रेगुलेशन एक्ट, 2025 (PROGA) ने रियल-मनी गेम्स (RMGs) पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। इसके चलते Dream11 और Mobile Premier League जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को पहले ही अपने RMG ऑपरेशंस बंद करने पड़े हैं। इस नए रेगुलेटरी माहौल में Winzo जैसी कंपनियों के लिए अपनी रियल-मनी गेमिंग पर आधारित बिजनेस मॉडल को चलाना मुश्किल हो गया है।

आगे का रास्ता अनिश्चित

Winzo के लिए भविष्य काफी चुनौतीपूर्ण और अनिश्चित है। ED की जांच और संपत्तियों की अटैचमेंट जारी रहने से कानूनी शिकंजा कसा रहेगा। वहीं, भारत में नए नियमों ने रियल-मनी गेमिंग मार्केट को पूरी तरह से बदल दिया है, जिससे कंपनी का मुख्य बिजनेस अब अवैध हो गया है। Winzo की आगे की राह इस बात पर निर्भर करेगी कि वह मौजूदा नियमों के अनुसार खुद को कैसे ढाल पाती है, ED के गंभीर आरोपों का कैसे जवाब देती है, और इस कड़े रेगुलेटरी माहौल में अपना भरोसा कैसे वापस जीत पाती है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.