Paavan Nanda को मिली जमानत, जानिए क्या हैं शर्तें
बेंगलुरु की एक सेशंस कोर्ट ने सोमवार को Winzo Games Pvt Ltd के को-फाउंडर Paavan Nanda को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा शुरू किए गए मनी-लॉन्ड्रिंग केस में जमानत दे दी है। दिसंबर 2025 में उनकी जमानत याचिका खारिज हो गई थी, लेकिन अब यह फैसला उनके लिए बड़ी कानूनी राहत लेकर आया है। इससे पहले उनके को-फाउंडर Saumya Singh Rathore को भी ऐसी ही राहत मिल चुकी है।
कोर्ट ने लगाई कड़ी शर्तें
Paavan Nanda की रिहाई कुछ सख्त शर्तों के साथ होगी। उन्हें ₹5 लाख का पर्सनल बॉन्ड भरना होगा, जिसके साथ ₹2 लाख के दो श्योरिटी (Surety) भी जमा कराने होंगे। इसके अलावा, Nanda को अपना पासपोर्ट अधिकारियों को सौंपना होगा और जांच अधिकारी द्वारा बुलाए जाने पर जांच में पूरा सहयोग करने का वादा करना होगा। कोर्ट ने उन्हें ऐसे ही अपराधों को दोहराने या गवाहों को प्रभावित करने से भी मना किया है।
ED के गंभीर आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि Winzo की गेमिंग में एल्गोरिथम मैनिपुलेशन (Algorithmic Manipulation) और BOTs का इस्तेमाल किया गया, जिससे कंपनी को ₹177 करोड़ का गलत तरीके से फायदा हुआ। ED का यह भी कहना है कि विदेशी सब्सिडियरी को फंड डायवर्ट किया गया और अपराध से कमाए गए पैसे को AWS पर क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए लॉन्डर किया गया। एजेंसी के मुताबिक, यूजर की पहचान का गलत इस्तेमाल और USD 55 मिलियन (लगभग ₹460 करोड़) के बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय फंड का प्रवाह भी हुआ है। यह मामला बेंगलुरु, राजस्थान और दिल्ली में दर्ज FIRs से जुड़ा है।
Nanda का पक्ष
Paavan Nanda ने ED द्वारा लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है और साथ ही ED की सर्च और सीजर (Search and Seizure) की कार्रवाई की वैधता को भी चुनौती दी है।