विशाखापत्तनम का $15 अरब AI हब बनेगा भारत का 'बुद्धि का द्वार'!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
विशाखापत्तनम का $15 अरब AI हब बनेगा भारत का 'बुद्धि का द्वार'!
Overview

भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन राकेश भारती मित्तल ने विशाखापत्तनम में **₹1.35 लाख करोड़** ($15 अरब) के एक विशाल AI डेटा सेंटर हब की घोषणा की है। यह प्रोजेक्ट इस शहर को भारत का "बुद्धि का द्वार" (Gateway to Intelligence) बनाएगा। Google और Adani Group के सहयोग से विकसित हो रहा यह हाइपरस्केल प्रोजेक्ट, Nxtra by Airtel द्वारा संचालित होगा और इसका लक्ष्य रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग कर भारत को ग्लोबल AI इकोनॉमी में अग्रणी बनाना है।

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इंटेलिजेंस युग के लिए विजन

भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन राकेश भारती मित्तल ने विशाखापत्तनम में ₹1.35 लाख करोड़ ($15 अरब) के इस महत्वाकांक्षी AI डेटा सेंटर की योजनाओं का खुलासा किया है, जो भारत के डिजिटल विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। मित्तल ने कहा कि यह प्रोजेक्ट, जो ऐतिहासिक रूप से एक समुद्री द्वार रहा है, उसे बदलकर देश का "बुद्धि का द्वार" (Gateway to Intelligence) बनाएगा। यह पहल सिर्फ कनेक्टिविटी से हटकर इंटेलिजेंस-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की ओर एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है, जो भारत को ग्लोबल AI इकोनॉमी में सबसे आगे रखेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर और पार्टनरशिप

इस 1 गीगावाट (GW) क्षमता वाले हाइपरस्केल प्रोजेक्ट में टेक जायंट Google और इंफ्रास्ट्रक्चर लीडर Adani Group के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां शामिल हैं। मित्तल ने इस क्षेत्र के मजबूत मौजूदा डिजिटल बैकबोन पर जोर दिया, जिसमें पहले से ही लगभग 12,000 किलोमीटर फाइबर ऑप्टिक केबल बिछी हुई है। यह विस्तृत नेटवर्क, सबसी केबल लैंडिंग स्टेशन और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी के साथ मिलकर, विशाखापत्तनम को एक हाई-कैपेसिटी डेटा हब के रूप में स्थापित करेगा और ग्लोबल डेटा फ्लो में भारत की भूमिका को मजबूत करेगा।

ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन और सस्टेनेबिलिटी

भारती एयरटेल का डेटा सेंटर आर्म, Nxtra by Airtel, इस प्रोजेक्ट के ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन की अगुवाई करेगा। Nxtra के पास पहले से ही 120 से अधिक फैसिलिटीज का पोर्टफोलियो है। मित्तल ने प्रोजेक्ट की डिलीवरी के लिए तेज टाइमलाइन का संकेत देते हुए कहा, "यह तो बस शुरुआत है... हमारा काम अब शुरू होता है।" प्रोजेक्ट डिजाइन का एक अहम पहलू सस्टेनेबिलिटी है, जिसमें लगभग 400 मेगावाट (MW) रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग किया जाएगा। यह भारत के नेट-जीरो एमिशन लक्ष्यों के अनुरूप है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि यह फैसिलिटी इको-फ्रेंडली और सेल्फ-सस्टेनेबल हो।

AI का आर्थिक महत्व

मित्तल ने AI की परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डाला, इसे एक ऐसी तकनीक बताया जो "संज्ञान (Cognition) को ही डिजिटाइज़ करती है"। उन्होंने विभिन्न उद्योगों में प्रोडक्टिविटी, एफिशिएंसी और पर्सनलाइज्ड सर्विस पर इसके दूरगामी प्रभाव का अनुमान लगाया। इस AI क्रांति के केंद्र में भारत का रणनीतिक स्थान एक प्रमुख विषय था, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को आकार देने में राष्ट्र की अनिवार्य भूमिका को रेखांकित करता है। आंध्र प्रदेश सरकार से मिलने वाले मजबूत समर्थन से लगातार निवेश और व्यावसायिक गतिविधि आकर्षित होने की उम्मीद है, जो ग्लोबल AI इकोनॉमी में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.