Velmenni की नई टेक्नोलॉजी क्या है?
Velmenni की कोर टेक्नोलॉजी फ्री स्पेस ऑप्टिक्स (FSO) और लाइट फिडेलिटी (Li-Fi) का इस्तेमाल करती है। यह हाई-स्पीड वायरलेस बैकहॉल और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी प्रदान करती है, जो 4G-LTE, 5G और FTTx नेटवर्क में खाली जगहों को भर सकती है। यह 10Gbps से ज्यादा की स्पीड 1 से 25 किलोमीटर की रेंज में दे सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे फाइबर बिछाने की तुलना में काफी तेजी से (कुछ दिनों में) लगाया जा सकता है, जिससे फाइबर बिछाने और स्पेक्ट्रम लाइसेंस के भारी खर्च से बचा जा सकता है। यह उन जगहों के लिए बेहतरीन है जहां फाइबर बिछाना लॉजिस्टिक्स की वजह से मुश्किल या बहुत महंगा हो।
क्या है बाजार में पकड़ और स्ट्रैटेजिक सपोर्ट?
कंपनी ने भारत, साउथ ईस्ट एशिया और अमेरिका में 50 से ज्यादा डिप्लॉयमेंट पूरे कर लिए हैं। GMR Group के प्राइवेट 5G नेटवर्क के लिए ओडिशा के पावर प्लांट में 18 महीने से चालू FSO बैकहॉल लिंक इसकी एक बड़ी सफलता है, जिसने नेटवर्क की लगातार उपलब्धता को साबित किया है। भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस और मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के iDEX प्रोग्राम से मिला सपोर्ट इसकी रणनीतिक अहमियत को दर्शाता है, खासकर डिफेंस सेक्टर के लिए। Velmenni का लक्ष्य उन इलाकों में सेवा देना है जहां फाइबर लगाना धीमा है, रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) में इंटरफेरेंस (हस्तक्षेप) की समस्या है, और लाइसेंस्ड स्पेक्ट्रम महंगा पड़ता है।
चुनौतियां और विस्तार की योजना
हालांकि, Velmenni को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। ऑप्टिकल वायरलेस सिस्टम खराब मौसम जैसे कोहरे, भारी बारिश या बर्फबारी से प्रभावित हो सकते हैं, जिससे सिग्नल की क्वालिटी और रिलायबिलिटी (विश्वसनीयता) कम हो सकती है। साथ ही, कंपनी को Ceragon Networks और Aviat Networks जैसे स्थापित खिलाड़ियों से मुकाबला करना होगा। यह फंडिंग कंपनी को कम्युनिकेशन सर्विस प्रोवाइडर्स, डिफेंस ऑर्गनाइजेशन्स और एंटरप्राइजेज तक अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद करेगी। Velmenni इंटरनेशनल मार्केट में भी उतरने की योजना बना रही है, खासकर 5G नेटवर्क के बढ़ते बैकहॉल इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग को पूरा करने के लिए।
