Urban Company Share Price: IPO कीमत टूटी, **66%** इक्विटी अनलॉक का बड़ा खतरा!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Urban Company Share Price: IPO कीमत टूटी, **66%** इक्विटी अनलॉक का बड़ा खतरा!
Overview

Urban Company Ltd. के शेयर ₹103 के IPO प्राइस से नीचे आ गए हैं, जिससे निवेशकों पर दबाव साफ दिख रहा है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह **17 मार्च** को कंपनी की **66%** यानी करीब **₹9,600 करोड़** की इक्विटी का मार्केट में आना है, जो मांग (Demand) पर भारी पड़ सकता है।

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सप्लाई का बड़ा झटका

सोमवार, 2 मार्च 2026 को कंपनी के शेयर ₹103 के IPO प्राइस के करीब कारोबार कर रहे हैं। लिस्टिंग के बाद ₹201.18 के ऊपरी स्तरों से आई यह गिरावट निवेशकों की घबराहट दिखाती है। लेकिन असली चिंता शेयरधारकों के लॉक-इन पीरियड (Lock-in Period) के खत्म होने से है। 5 मार्च 2026 को करीब 70 लाख शेयर, जो कुल इक्विटी का 0.5% हैं, ट्रेड के लिए उपलब्ध होंगे। हालांकि, असली बड़ा इवेंट 17 मार्च 2026 को है। इस दिन, कंपनी की कुल आउटस्टैंडिंग इक्विटी का भारी 66%, यानी 94.09 करोड़ शेयर अनलॉक होंगे। मौजूदा मार्केट प्राइस पर इनकी वैल्यू लगभग ₹9,642 करोड़ है। यह सप्लाई का इतना बड़ा ओवरहैंग (Supply Overhang) है कि यह शेयर की कीमतों को बुरी तरह गिरा सकता है। यह भारी मात्रा में शेयरों का आना एक बड़ा सेल-साइड रिस्क (Sell-side Risk) पैदा करता है, खासकर टेक सेक्टर की नई कंपनियों में ऐसे सप्लाई शॉक (Supply Shock) के बाद कीमतों में बड़ी गिरावट देखी जाती है।

वैल्यूएशन और प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल

सप्लाई के इस बड़े झटके के अलावा, कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति भी चिंताजनक है। Urban Company का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) करीब ₹15,000-₹17,000 करोड़ है, लेकिन पिछले बारह महीनों (Trailing Twelve Months - TTM) में इसका अर्निंग्स पर शेयर (EPS) शून्य है, यानी कंपनी प्रति शेयर कोई मुनाफा नहीं कमा रही है या लॉस में है। FY25 में कुल इनकम ₹1,260.68 करोड़ रही, जो FY24 के ₹927.99 करोड़ से बढ़ी है। लेकिन दिसंबर 2025 की तिमाही में कंपनी को ₹15 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले एक बड़ा झटका है। पिछले 5 सालों में EBITDA मार्जिन 0% रहा है और पिछले 3 सालों का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) -1.58% है। 8.18 का प्राइस-टू-बुक (Price-to-Book) रेशियो इन आंकड़ों के सामने काफी महंगा लगता है।

क्यों है मंदी का खतरा?

इन सब फैक्टर्स को मिलाकर देखा जाए तो Urban Company के शेयर के लिए स्थिति गंभीर दिखती है। सबसे बड़ा रिस्क 17 मार्च को लॉक-इन का खत्म होना है, जो भारी बिकवाली (Sell-off) ला सकता है और मार्केट की मांग (Demand) को पूरी तरह खत्म कर सकता है। Nuvama Research जैसे एक्सपर्ट्स का कहना है कि नए जमाने की कई IPO कंपनियां लॉक-इन खत्म होने के समय वोलेटाइल (Volatile) रहती हैं और अक्सर गिरावट देखती हैं। इसके अलावा, कंपनी का मुनाफा न कमा पाना, हालिया तिमाही का लॉस और ऊंचे वैल्यूएशन (Valuation) इसे और कमजोर बनाते हैं। IPO में ऑफर फॉर सेल (OFS) का बड़ा हिस्सा यह भी बताता है कि मौजूदा निवेशक पैसा निकालना चाहते थे। IPO प्राइस से नीचे ट्रेड करना इस बड़ी सप्लाई और फाइनेंशियल चिंताओं का पहला संकेत माना जा रहा है।

आगे क्या?

भविष्य का रास्ता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि मार्केट 17 मार्च को आने वाली इतनी बड़ी इक्विटी को कैसे झेलता है। शेयरों की भारी मात्रा और प्रॉफिटेबिलिटी व वैल्यूएशन को लेकर मौजूदा चिंताएं देखते हुए, कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद की जा रही है। निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि क्या शुरुआती निवेशक या फाउंडर्स आक्रामक तरीके से शेयर बेचते हैं, जिससे गिरावट और तेज हो सकती है। प्रॉफिटेबिलिटी का कोई स्पष्ट रास्ता दिखे बिना और इतनी बड़ी सप्लाई के दबाव के साथ, शेयर के लिए आगे का रास्ता मुश्किल भरा हो सकता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.