US हेल्थकेयर में AI की डिमांड बढ़ी! इन Indian IT कंपनियों के शेयरों में लग सकती है लॉटरी

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AuthorNeha Patil|Published at:
US हेल्थकेयर में AI की डिमांड बढ़ी! इन Indian IT कंपनियों के शेयरों में लग सकती है लॉटरी
Overview

अमेरिका के हेल्थकेयर सेक्टर में लागत बढ़ने और मुश्किल नियमों के चलते कंपनियों के पसीने छूट रहे हैं. इस वजह से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और AI सर्विसेज की मांग तेज़ी से बढ़ी है, जिसका सीधा फायदा भारत की IT कंपनियों को होने वाला है. Infosys, Coforge, Persistent Systems और Sagility जैसी कंपनियां इस मौके का फायदा उठाने के लिए तैयार हैं.

अमेरिका के हेल्थकेयर पेयर्स क्यों चाहते हैं नई टेक्नोलॉजी?

अमेरिका में प्राइवेट इंश्योरर और पब्लिक प्रोग्राम्स, दोनों ही हेल्थकेयर पेयर्स (भुगतान करने वाले) इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. मेडिकल खर्चों में बढ़ोतरी के साथ-साथ जटिल नियम और नीतियों में बदलाव ने उनके प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ा दिया है. ऐसे में इन कंपनियों को ग्रोथ के लक्ष्यों को लागत नियंत्रण और अप्रत्याशित बीमा आबादी को मैनेज करने के साथ संतुलित करना पड़ रहा है. 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट' (OBBBA) जैसे बदलाव और वीज़ा नीतियों में बदलाव से स्थिति और जटिल हो गई है. अमेरिकी हेल्थकेयर सेक्टर का आकार $5 ट्रिलियन से भी ज्यादा है, जो टेक्नोलॉजी के जरिए इन समस्याओं को हल करने के बड़े अवसर को दर्शाता है. इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 49% अमेरिकी हेल्थकेयर संगठन जेनरेटिव AI (GenAI) और एजेंटिक AI का टेस्ट कर रहे हैं, जबकि 18% इसे अपनाने की योजना बना रहे हैं. यह साफ दिखाता है कि यह सेक्टर नई टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए तैयार है.

Sagility की मजबूत पोजीशन

बेंगलुरु की Sagility कंपनी, जो US हेल्थकेयर पेयर मार्केट से लगभग 90% रेवेन्यू जेनरेट करती है, के लिए यह एक बड़ा अवसर है. कंपनी के मैनेजमेंट ने अपने अमेरिकी इंश्योरेंस ग्राहकों के लिए मार्जिन मैनेजमेंट, कॉस्ट कंट्रोल और बेहतर यूटिलाइजेशन को टॉप प्रायोरिटी बताया है. US हेल्थकेयर पेयर इंडस्ट्री की जटिलताएं—सख्त नियम, बिखरे हुए डेटा सिस्टम और पुरानी टेक्नोलॉजी—ऑपरेशंस में टेक सपोर्ट की स्पष्ट आवश्यकता पैदा करती हैं. Sagility का GenAI-ऑग्मेंटेड और एजेंटिक AI ऑपरेशंस पर फोकस सीधे इस मांग को पूरा करता है, जिससे कंपनी इस सेक्टर के ट्रांसफॉर्मेशन का एक प्रमुख लाभार्थी बनने वाली है. एनालिस्ट्स का अनुमान है कि Sagility अपने मौजूदा और नए ग्राहकों से मिलने वाले बिजनेस और एडिशनल सर्विसेज की बिक्री के दम पर सालाना 10-15% तक ग्रो कर सकती है.

अन्य IT कंपनियां भी हेल्थकेयर में उतर रही हैं

Sagility के अलावा, बड़ी भारतीय IT फर्म्स भी US हेल्थकेयर मार्केट में अपनी पैठ मजबूत कर रही हैं. Infosys ने हाल ही में $465 मिलियन कैश में Optimum Healthcare IT का अधिग्रहण कर अपनी हेल्थकेयर सेवाओं को और मजबूत किया है. इस मूव का मकसद हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के लिए अपनी सेवाओं को बढ़ाना और क्लाउड, डेटा और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सर्विसेज में तेजी लाना है. एनालिस्ट्स का अनुमान है कि ऐसे एक्विजिशन Infosys के रेवेन्यू ग्रोथ को 2027 फाइनेंशियल ईयर तक काफी बढ़ा सकते हैं. Coforge और Persistent Systems जैसी मीडियम-साइज़ की कंपनियों ने भी हेल्थकेयर सेक्टर में अच्छी रुचि दिखाई है और बड़े डील्स जीते हैं. Coforge के CEO सुधीर सिंह ने उत्तरी अमेरिका के हेल्थकेयर प्रोवाइडर और मेडटेक सेक्टर्स में बड़े ग्रोथ पोटेंशियल का जिक्र किया है. Persistent Systems के CEO संदीप कालरा ने एप्लीकेशन्स और डेटा को मॉडर्नाइज करने की मजबूत मांग पर प्रकाश डाला है.

कंपनियों के वैल्यूएशन की तुलना

फाइनेंशियल मैट्रिक्स के अनुसार, इन IT सर्विस प्रोवाइडर्स का वैल्यूएशन अलग-अलग है. Sagility का P/E रेश्यो डेटा सोर्स के आधार पर 22x से 53x तक है. Coforge का P/E रेश्यो 30x से 35x के बीच है, जबकि Persistent Systems का P/E रेश्यो लगभग 43x से 44.9x है, जो स्पेशलाइज्ड टेक सॉल्यूशंस पर इसके फोकस को दर्शाता है. वहीं, Infosys, जो एक ज्यादा डायवर्सिफाइड कंपनी है, का P/E रेश्यो 17x से 18.5x के आसपास है. Persistent Systems का 44.52x का P/E रेश्यो सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री के औसत 20.99x से काफी ऊपर है, जो बताता है कि निवेशक इसे उच्च मूल्यांकन दे रहे हैं. Sagility का 23x P/E रेश्यो अपने पीयर्स के औसत 23.4x के समान है, लेकिन यह भारतीय प्रोफेशनल सर्विसेज इंडस्ट्री के औसत 21.7x की तुलना में थोड़ा महंगा लग सकता है.

जोखिमों पर भी डालें नजर

सकारात्मक आउटलुक के बावजूद, कुछ जोखिम भी बने हुए हैं. Sagility कुछ बड़े क्लाइंट्स पर बहुत ज्यादा निर्भर है, जिनके टॉप 10 क्लाइंट्स से ही लगभग 90% रेवेन्यू आता है. यह जोखिम भरा हो सकता है अगर कोई बड़ा क्लाइंट अपना खर्च कम करे या प्रोवाइडर बदल ले. केवल US हेल्थकेयर पर फोकस इसे जियोलॉजिकल और सेक्टर-विशिष्ट मुद्दों के प्रति भी संवेदनशील बनाता है. Infosys द्वारा Optimum Healthcare IT जैसे एक्वायर की गई कंपनियों का इंटीग्रेशन जोखिम भरा हो सकता है और ओवरपेमेंट की ओर ले जा सकता है. Coforge का 0.08 का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो कम कर्ज दिखाता है, लेकिन इसका एंटरप्राइज वैल्यू/EBITDA मल्टीपल 44.06 इसके ऑपरेटिंग अर्निंग्स के लिए प्रीमियम वैल्यूएशन का संकेत देता है. Persistent Systems के शेयर पिछले साल गिरे हैं, और इसका P/E रेश्यो इंडस्ट्री के औसत से काफी ऊपर है, जो बताता है कि स्टॉक की कीमत वैल्यू से मेल नहीं खा सकती. इसके अलावा, AI का तेजी से विकास इन सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए दोधारी तलवार साबित हो सकता है, क्योंकि यह क्लाइंट्स को इन-हाउस काम करने की अनुमति दे सकता है, जिससे बाहरी मदद की जरूरत कम हो जाएगी. रेगुलेटरी जांच और नीतिगत बदलाव US हेल्थकेयर सिस्टम की कंपनियों के लिए लगातार जोखिम बने हुए हैं.

आगे का रास्ता: डिजिटल सर्विसेज की लगातार मांग

मौजूदा मार्केट कंडीशंस US हेल्थकेयर सेक्टर में एडवांस्ड IT सर्विसेज की मजबूत और लगातार मांग को दर्शाती हैं. यह मांग नए नियमों को पूरा करने और टेक्नोलॉजी के जरिए बढ़ती लागतों को नियंत्रित करने की जरूरत से प्रेरित है. एनालिस्ट्स ज्यादातर सकारात्मक हैं, और Motilal Oswal ने Sagility के लिए 'बाय' रेटिंग दोहराई है. वे FY25-28 के लिए रेवेन्यू, EBIT और PAT के लिए विशिष्ट वार्षिक ग्रोथ रेट्स का अनुमान लगाते हैं और ₹58 का प्राइस टारगेट सेट किया है. हेल्थकेयर पेयर्स द्वारा AI और डिजिटल टूल्स का बढ़ता उपयोग एक्सपर्ट हेल्प की निरंतर आवश्यकता को दिखाता है. यह Sagility, Infosys, Coforge और Persistent Systems जैसी कंपनियों को इस बढ़ते मार्केट का एक बड़ा हिस्सा हासिल करने के लिए अच्छी स्थिति में रखता है, क्योंकि पेयर्स स्थिर ऑपरेशंस और नियमों के अनुपालन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

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