अमेरिकी क्रिप्टो फर्मों की सीनेट से गुहार: 'स्पष्ट नियम बनाइए, वरना ग्लोबल रेस में पीछे छूट जाएंगे!'

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
अमेरिकी क्रिप्टो फर्मों की सीनेट से गुहार: 'स्पष्ट नियम बनाइए, वरना ग्लोबल रेस में पीछे छूट जाएंगे!'
Overview

अमेरिकी क्रिप्टो इंडस्ट्री में हलचल मची हुई है। **100 से ज़्यादा** कंपनियां सीनेट बैंकिंग कमेटी से डिजिटल एसेट्स के लिए क्लियर फेडरल कानून बनाने की अपील कर रही हैं। फर्मों को डर है कि 'रेगुलेशन बाय एनफोर्समेंट' (Regulation by Enforcement) के भरोसे रहने और नियम बनाने में देरी होने से वे यूरोपियन यूनियन (EU) और एशिया जैसे कॉम्पिटिटर्स से पिछड़ जाएंगे।

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डिजिटल एसेट कानूनों की पुरजोर मांग

यह मांग 100 से ज़्यादा अमेरिकी क्रिप्टो फर्मों और ट्रेड ग्रुप्स की ओर से सीनेट बैंकिंग कमेटी को सौंपी गई है। उनका तर्क है कि केवल SEC और CFTC जैसी एजेंसियों के प्रवर्तन (Enforcement) एक्शन पर निर्भर रहने से एक अस्थिर रेगुलेटरी माहौल बनता है, जिसे वे 'रेगुलेशन बाय एनफोर्समेंट' कहते हैं। यह अमेरिकी डिजिटल एसेट सेक्टर के लिए एक अहम मोड़ है। $54 बिलियन के मार्केट वैल्यू वाली Coinbase जैसी पब्लिकली ट्रेडेड कंपनियों पर इसका खास असर पड़ रहा है। हाल ही में $200 से $212 के बीच ट्रेड कर रहे Coinbase के शेयर की कीमत दर्शाती है कि क्रिप्टो वैल्यूज रेगुलेटरी प्रगति के संकेतों के प्रति कितनी संवेदनशील हैं।

दुनिया भर में कॉम्पिटिशन बढ़ रहा, अमेरिका पीछे न छूटे

यूरोपियन यूनियन (EU) अपने 'मार्केट्स इन क्रिप्टो-एसेट्स' (MiCA) रेगुलेशन के साथ, जो 2025 की शुरुआत से लागू होगा, एक स्पष्ट नियम-पुस्तिका पेश कर रहा है। वहीं, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी स्टेबलकॉइन्स के नियमों और क्रिप्टो एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) पर चर्चा के साथ अपने रेगुलेटरी रास्ते साफ कर रहे हैं। इससे लगातार कैपिटल उनके बाजारों की ओर आकर्षित हो रहा है। इसके विपरीत, अमेरिका में CLARITY और GENIUS Acts जैसे विधायी प्रयास अभी भी सीनेट कमेटी के वोटों का इंतजार कर रहे हैं। इस देरी, खासकर यह तय करने में कि SEC या CFTC में से किसके पास अधिकार क्षेत्र होगा, अमेरिकी प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए सीधा खतरा पैदा कर रही है और इनोवेशन व कैपिटल को उन देशों में धकेल सकती है जहाँ का माहौल अधिक स्वागत योग्य है।

नियमों में देरी और कैपिटल के पलायन का बड़ा खतरा

लगातार 'रेगुलेशन बाय एनफोर्समेंट' पर निर्भर रहने में बड़ा जोखिम है, जैसा कि अतीत में एजेंसी की कार्रवाइयों से देखा गया है। कांग्रेस से ठोस कानूनों के बिना, रेगुलेटरी अधिकार भविष्य के प्रशासन द्वारा पलटा जा सकता है, जिससे भविष्य के वित्त के लिए महत्वपूर्ण इस इंडस्ट्री में अस्थिरता पैदा हो सकती है। यह अनिश्चितता स्टार्टअप्स और निवेशकों को ऐसे देशों की तलाश करने के लिए प्रेरित करती है जो अधिक अनुमानित नियम प्रदान करते हैं, जिससे डिजिटल एसेट्स में नेतृत्व के अमेरिकी लक्ष्य बाधित होते हैं। Coinbase, अपनी बड़ी मार्केट हिस्सेदारी के बावजूद, चुनौतियों का सामना कर रही है। एनालिस्ट्स उसके फी मॉडल की टिकाऊपन और घटते ट्रेडिंग वॉल्यूम को लेकर चिंतित हैं। कुछ विश्लेषण बताते हैं कि इसका P/E रेशियो ऊंची ग्रोथ उम्मीदों पर आधारित हो सकता है, जिसे मौजूदा वित्तीय प्रदर्शन पूरी तरह से सपोर्ट नहीं करता। कंपनी ने महत्वपूर्ण इनसाइडर शेयर बिक्री भी देखी है, जो आंतरिक आत्मविश्वास की कमी का संकेत दे सकती है। इसके अतिरिक्त, न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल के कथित अनधिकृत जुआ सेवाओं को लेकर चल रहे मुकदमे जैसे कानूनी मुद्दे, रेगुलेटरी और प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम बढ़ाते हैं। ये सभी मुद्दे मिलकर एक सतर्क दृष्टिकोण की ओर इशारा करते हैं, क्योंकि विधायी निष्क्रियता के बड़े दीर्घकालिक प्रभाव हो सकते हैं।

सीनेट के एक्शन और एनालिस्ट्स की राय पर टिकी उम्मीदें

अमेरिका में क्रिप्टो रेगुलेशन का भविष्य और बाजार की भावना काफी हद तक सीनेट बैंकिंग कमेटी के अगले कदमों पर निर्भर करती है। Coinbase पर एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली है, जिसमें आम सहमति 'होल्ड' रेटिंग और विविध प्राइस टारगेट्स हैं, लेकिन व्यापक बाजार स्पष्ट कानून का इंतजार कर रहा है। CLARITY Act, यदि पारित हो जाता है, तो SEC और CFTC की भूमिकाओं को स्पष्ट करेगा और इसे इंस्टीट्यूशनल एडॉप्शन (Institutional Adoption) व मार्केट स्टेबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके विपरीत, चल रही देरी का मतलब अमेरिकी मार्केट शेयर का और अधिक नुकसान हो सकता है। एशिया और यूरोप में स्टेबलकॉइन रेगुलेशन के अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण अमेरिका के लिए बेंचमार्क प्रदान करते हैं, जिनसे उसे सीखना होगा या पीछे रहना होगा। ये विधायी परिणाम निवेशक के विश्वास और संयुक्त राज्य अमेरिका में डिजिटल एसेट इनोवेशन की दीर्घकालिक संभावनाओं को बहुत प्रभावित करेंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.