नई डील्स और बाजार की चिंताएँ
ये नई कॉन्ट्रैक्ट्स Trust Fintech की अंतरराष्ट्रीय और डोमेस्टिक मार्केट्स में रेवेन्यू को डाइवर्सिफाई करने की रणनीति का हिस्सा हैं। कंपनी ने नाइजीरिया की FASYL के साथ USD 220,000 (लगभग ₹2 करोड़) का वर्क ऑर्डर हासिल किया है, जिसके तहत अगले तीन महीनों में XnettTrust Lightweight Core Banking System को लागू किया जाएगा। इसके साथ ही, WNSB BANK से Core Banking Software और डिजिटल इंटरफेस के लिए ₹1.785 करोड़ का डोमेस्टिक लॉन्ग-टर्म परचेज ऑर्डर भी मिला है, जो पांच साल तक चलेगा।
शेयर में भारी गिरावट, निवेशक चिंतित
इन डील्स के ऐलान के बावजूद, बाजार में Trust Fintech को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। कंपनी का शेयर प्राइस पिछले एक साल में 58% से ज्यादा टूट चुका है और फिलहाल ₹38-₹41 के दायरे में ट्रेड कर रहा है, जो इसके 52-सप्ताह के निचले स्तर ₹38.00 के काफी करीब है। शेयर में औसतन केवल 7,200 शेयर्स का डेली ट्रेडिंग वॉल्यूम दिखाता है कि निवेशकों की दिलचस्पी सीमित है।
वैल्यूएशन vs. प्रदर्शन का अंतर
कागजों पर, Trust Fintech का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 11x है, जो भारतीय बाजार के औसत 23.4x से काफी कम है। Financial Year 25 में कंपनी ने ₹31.26 करोड़ का नेट सेल्स और ₹9 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जबकि मार्केट कैप करीब ₹94 करोड़ है।
यह सस्ता वैल्यूएशन कंपनी के गिरते वित्तीय प्रदर्शन के बिल्कुल विपरीत है। भले ही कंपनी कर्ज-मुक्त है, लेकिन इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) FY25 में गिरकर 7.88% रह गया है, जो पिछले सालों में 26% से ऊपर हुआ करता था। इसी तरह, रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) भी 10.26% पर आ गया है। कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ भी धीमी है, 1-साल का CAGR केवल 1% है।
अन्य चिंताएं और भविष्य का आउटलुक
कंपनी के देनदार (Debtor) दिनों की संख्या करीब 158 दिन है, जो कैश कलेक्शन में संभावित चुनौतियों की ओर इशारा करती है। साथ ही, 1.22% का डिविडेंड यील्ड फ्री कैश फ्लो से अच्छी तरह कवर नहीं होता, जिससे शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न की स्थिरता पर सवाल खड़े होते हैं। टेक्निकल इंडिकेटर्स भी 'Strong Sell' का संकेत दे रहे हैं।
हालांकि भारतीय BFSI IT सेक्टर में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और AI जैसी तेजी देखी जा रही है, लेकिन Trust Fintech की मार्केट में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बनाने और ग्रोथ को गति देने की क्षमता पर निवेशकों को संदेह है। कमजोर प्राइस ट्रेंड और गिरते वित्तीय स्वास्थ्य संकेतकों को देखते हुए, कंपनी के भविष्य के लिए एक सतर्क दृष्टिकोण बना हुआ है।