भरोसे और एथिकल गवर्नेंस का स्ट्रेटेजिक महत्व
टेक और टेलीकॉम सेक्टर के लीडर्स अब भरोसे को सिर्फ एक कॉर्पोरेट वैल्यू नहीं, बल्कि कंपनियों की वैल्यू और कामकाज की सफलता का मुख्य आधार मान रहे हैं। Tech Mahindra के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित जोशी ने कहा कि ग्लोबल, मल्टी-प्रोडक्ट बिजनेस के लिए ग्राहकों, कर्मचारियों और सरकारों का भरोसा जीतने के लिए इंटीग्रिटी (ईमानदारी) और प्रेडिक्टिबिलिटी (भविष्यवाणी करने की क्षमता) बहुत जरूरी है। उन्होंने समझाया कि यह भरोसा लगातार सही काम करके समय के साथ बनता है, लेकिन एक छोटी सी गलती से इसे तुरंत नुकसान पहुंच सकता है। एथिकल प्रैक्टिस (नैतिक आचरण) और मजबूत गवर्नेंस पर यह जोर निवेशकों को भी आकर्षित कर रहा है, जो ESG (एनवायरनमेंटल, सोशल, गवर्नेंस) क्रेडेंशियल्स को टेक और टेलीकॉम इंडस्ट्री में लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन और रेजिलिएंस (स्थिरता) के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर मान रहे हैं।
AI: सर्विस बढ़ाने और स्केल करने का जरिया
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एक ट्रांसफॉर्मेटिव फोर्स के तौर पर देखा जा रहा है, जो इंसानी स्किल्स (कौशल) को बढ़ा सकता है और जरूरी सेवाओं तक पहुंच को आसान बना सकता है। VEON के CEO कान टेर्ज़ियोग्लू ने चीन के चेंगदू में AI-ड्रिवन डेटा सेंटर्स का उदाहरण दिया, जो नागरिकों के लिए हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स (स्वास्थ्य जांच) को बेहतर बनाते हैं। यह दिखाता है कि कैसे सरकारी नीतियों और प्राइवेट सेक्टर के एक्जीक्यूशन (कार्यान्वयन) के तालमेल से पब्लिक सर्विसेज को प्रभावी ढंग से स्केल किया जा सकता है। टेर्ज़ियोग्लू ने यूक्रेन जैसे संघर्ष क्षेत्रों में सैटेलाइट नेटवर्क्स के जरिए कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने में AI की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। जोशी ने AI की लोकल भाषाओं में क्रांति लाने की क्षमता पर भी बात की, खासकर सिटीजन सर्विसेज, शिक्षा और हेल्थकेयर में लाखों लोगों के लिए। 2026 के लिए गार्टनर की स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स में AI का बढ़ता दबदबा साफ दिखता है, जिसमें AI-नेटिव डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म्स और AI सुपरकंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म्स को AI-पावर्ड दुनिया में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। Infosys जैसी कंपनियां भी AI-फर्स्ट फाउंडेशन को इंटीग्रेट कर रही हैं ताकि क्लाइंट्स को स्केलेबल एंटरप्राइज AI सॉल्यूशंस मिल सकें।
पॉलिसी फ्रेमवर्क: ग्रोथ के लिए उत्प्रेरक, रुकावट नहीं
इंडस्ट्री लीडर्स और पॉलिसीमेकर्स के बीच बातचीत महत्वपूर्ण है, जिसमें इस बात पर सहमति बन रही है कि सरकार की नीतियां मददगार होनी चाहिए, न कि रुकावट डालने वाली। टेर्ज़ियोग्लू ने ऐसे फ्रेमवर्क की वकालत की जो प्राइवेट सेक्टर के डेवलपमेंट और इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा दें। यह सोच टेलीकॉम सेक्टर के विकास के साथ मेल खाती है, जहां सरकारें 'डिजिटल सॉवरेन्टी' (डिजिटल संप्रभुता) पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं, ताकि नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर की रेजिलिएंस और सिक्योरिटी (सुरक्षा) सुनिश्चित हो सके, जो AI एप्लीकेशन्स के लिए डेटा एक्सेस करने में महत्वपूर्ण है। एनालिस्ट्स का मानना है कि इस क्षेत्र में रेगुलेटरी इवोल्यूशन (नियामक विकास) की मांग जारी रहेगी, जिससे 6G जैसी नेक्स्ट-जेनरेशन टेक्नोलॉजीज में निवेश तेज हो सकता है। AI की ट्रेडिशनल बिजनेस मॉडल्स को बदलने की क्षमता, जैसे SaaS प्राइसिंग और वर्कफ़्लो ऑटोमेशन, को भी अडॉप्टिव पॉलिसी रिस्पॉन्स (अनुकूली नीति प्रतिक्रियाओं) की जरूरत है।
डेटा ओनरशिप और डिजिटल सर्विसेज का भविष्य
डेटा प्राइवेसी (डेटा गोपनीयता) पर चर्चा अब यूजर-सेंट्रिक मॉडल्स की ओर बढ़ रही है। जोशी ने ऐसे ट्रांजैक्शनल डेटा-शेयरिंग फ्रेमवर्क का प्रस्ताव दिया, जिसमें व्यक्ति अपने डेटा का मालिकाना हक (ओनरशिप) बनाए रखें। उनका सुझाव है कि यह सुरक्षित डेटा स्टोरेज और शेयरिंग का एक प्रभावी मॉडल है। टेर्ज़ियोग्लू ने कहा कि नागरिक कल्याण के लिए स्पष्ट यूटिलिटी (उपयोगिता) परिभाषित करना, और भरोसेमंद ब्रांड्स के साथ पार्टनरशिप करना, प्राइवेसी चिंताओं और टिकाऊ पब्लिक सर्विस डिलीवरी (सार्वजनिक सेवा वितरण) के बीच संतुलन बनाने का एक प्रभावी तरीका है। डेटा का यह यूजर-सेंट्रिक दृष्टिकोण फिनटेक सेक्टर में कॉर्पोरेट डिजिटल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CDR) पर बढ़ते जोर के अनुरूप है, जहां एथिकल डेटा प्रोसेसिंग, ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता), और डेटा ओनरशिप का सम्मान डिजिटल ट्रस्ट बनाने और फर्म वैल्यू बढ़ाने के लिए फाउंडेशन माने जाते हैं।
मार्केट कॉन्टेक्स्ट और वैल्यूएशन
IT सर्विसेज सेक्टर की एक प्रमुख कंपनी Tech Mahindra का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.6 से ₹1.68 ट्रिलियन है और इसका P/E रेशियो 33.05x से 36.54x के बीच है। इसके मुकाबले Tata Consultancy Services (TCS) और Infosys जैसे इसके पीयर्स (प्रतिस्पर्धियों) का P/E रेशियो लगभग 23.3x-24.3x और 21.6x-23.96x के बीच है, जबकि उनका मार्केट कैप बड़ा है। VEON, जो एक डिजिटल ऑपरेटर है, का P/E रेशियो काफी कम, जनवरी 2026 तक लगभग 5.82x है, और इसका मार्केट कैप लगभग $3.64 बिलियन है, जो इसके अलग ऑपरेशनल मॉडल और ज्योग्राफिक फोकस को दर्शाता है। Tech Mahindra के लिए एनालिस्ट्स का सेंटिमेंट (नजरिया) आम तौर पर पॉजिटिव है, जिसमें प्राइस टारगेट्स संभावित अपसाइड (उछाल) का संकेत दे रहे हैं। दूसरी ओर, VEON को एनालिस्ट्स से मजबूत 'बाय' रिकमेंडेशन मिल रही हैं और प्राइस टारगेट्स में महत्वपूर्ण अपसाइड की संभावना बताई गई है। व्यापक मार्केट आउटलुक AI एडॉप्शन में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है, IDC का अनुमान है कि 2028 तक AI-सपोर्टिंग टेक्नोलॉजी पर खर्च $749 बिलियन तक पहुंच जाएगा, और गार्टनर ने 2026 के लिए AI-नेटिव प्लेटफॉर्म्स को टॉप ट्रेंड्स में शामिल किया है। टेलीकॉम सेक्टर भी 5G सिक्योरिटी इन्वेस्टमेंट और डायरेक्ट-टू-सेल (D2C) सर्विसेज के मुख्यधारा में आने से ग्रोथ के लिए तैयार है।
